BIHAR ELECTION, ललन सिंह का बयान: शराबबंदी कानून से किसी को परेशान नहीं किया जा रहा, तेजस्वी यादव की आलोचना

BIHAR ELECTION: बिहार के केंद्रीय मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा की गई आलोचनाओं का तीखा जवाब दिया है। सिंह ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून के तहत

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Sunday, April 13, 2025

BIHAR ELECTION

BIHAR ELECTION: बिहार के केंद्रीय मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा की गई आलोचनाओं का तीखा जवाब दिया है। सिंह ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून के तहत किसी भी नागरिक को बिना कारण परेशान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव की आलोचनाएं राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं, क्योंकि उनकी पार्टी के कुछ नेताओं की शराब कारोबारियों से मिलीभगत है।

BIHAR ELECTION
PHOTO CREDIT ABP NEWS

BIHAR ELECTION से पहले ललन सिंह का बयान

ललन सिंह ने कहा, “तेजस्वी यादव को गंभीरता से कोई नहीं लेता। जब वे हमारे साथ थे, तो शराबबंदी के समर्थन में थे, लेकिन अब विरोध कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि उनकी बयानबाजी राजनीतिक लाभ के लिए है।” तेजस्वी यादव ने हाल ही में आरोप लगाया था कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से मौतें हो रही हैं, और सरकार इस पर कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सत्ता के संरक्षण में शराब तस्करी होने का आरोप भी लगाया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, ललन सिंह ने कहा, अगर तेजस्वी यादव को शराबबंदी कानून में संशोधन पर आपत्ति है, तो उन्हें अपने पार्टी के घोषणा पत्र में यह वादा करना चाहिए कि उनकी सरकार बनने पर शराबबंदी कानून को हटाया जाएगा।

सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेता शराबबंदी कानून के खिलाफ बोलकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे खुद शराब कारोबारियों के साथ सांठ-गांठ रखते हैं। उन्होंने ये भी कहा, “इस देश में लालू यादव से बड़ा कोई पाखंडी नहीं है। इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार कम करने बजाय उसको और बढ़ावा दिया है।

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी अवैध शराब की बिक्री और उससे होने वाली मौतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। राज्य सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जबकि जनता इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है।