भारत सरकार ने झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु Shibu Soren को पद्म भूषण से सम्मानित किया है। इस घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और उन्हें भारत रत्न देने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है।
Shibu Soren के लिए झामुमो ने जताई नाराजगी
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार के फैसले पर असंतोष जताया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे का कहना है कि Shibu Soren के दशकों लंबे संघर्ष और बलिदान के सामने पद्म भूषण सम्मान कमतर प्रतीत होता है।
“संघर्ष को कम आंका गया”
विनोद पांडे ने कहा कि शिबू सोरेन का आंदोलन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि वह झारखंड की पहचान और आत्मसम्मान की लड़ाई थी। पार्टी का मानना है कि उनके योगदान का सही सम्मान भारत रत्न से ही संभव है।

विपक्षी दल भी समर्थन में उतरे
शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा और अन्य संगठनों ने भी उठाई है। नेताओं का कहना है कि गुरुजी आज भी राज्य के लोगों के दिलों में जीवित हैं और उनकी विरासत को सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना चाहिए |






