US ने TikTok के साथ फाइनल की डील, अब डेटा और एल्गोरिदम पर होगा अमेरिकी संस्थाओं का पहरा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने अमेरिका में अपने कारोबार को जारी रखने के लिए एक बहुमत अमेरिकी-स्वामित्व वाले जॉइंट वेंचर की स्थापना को अंतिम रूप दे दिया है। यह कदम टिकटॉक के चीनी स्वामित्व को लेकर लंबे समय से चले आ

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, January 23, 2026

TikTok

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने अमेरिका में अपने कारोबार को जारी रखने के लिए एक बहुमत अमेरिकी-स्वामित्व वाले जॉइंट वेंचर की स्थापना को अंतिम रूप दे दिया है। यह कदम टिकटॉक के चीनी स्वामित्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे राष्ट्रीय सुरक्षा और नियामकीय विवाद को खत्म करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

TikTok में नई इकाई का नाम और संचालन

नई बनाई गई इकाई का नाम TikTok USDS Joint Venture LLC रखा गया है। इसके जरिए कंपनी अमेरिका में अपने 20 करोड़ से अधिक यूजर्स और करीब 75 लाख व्यवसायों को अपनी सेवाएं देती रहेगी।इस समझौते के तहत अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के पास संयुक्त रूप से 80.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि टिकटॉक की चीनी मूल कंपनी ByteDance की हिस्सेदारी घटकर 19.9 प्रतिशत रह जाएगी। इससे ऐप पर चीनी नियंत्रण को सीमित करने की अमेरिकी मांग पूरी होती है।
TikTok

डेटा और साइबर सुरक्षा पर सख्त नियंत्रण

कंपनी के मुताबिक नया ढांचा डेटा सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, कंटेंट मॉडरेशन और एल्गोरिदम कंट्रोल को लेकर सख्त मानकों के तहत काम करेगा। इससे अमेरिकी यूजर्स के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।इस संयुक्त उद्यम में Oracle, Silver Lake और अबू धाबी स्थित निवेश समूह MGX की अहम भूमिका होगी। इन तीनों के पास लगभग 15-15 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इसके अलावा डेल फैमिली ऑफिस, अल्फा वेव पार्टनर्स, रेवोल्यूशन और NJJ Capital भी निवेशकों में शामिल हैं।

2020 से चल रहा था टिकटॉक विवाद

अमेरिका में टिकटॉक को लेकर विवाद की शुरुआत 2020 में हुई थी, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐप पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी। इसके बाद वर्षों तक कानूनी और राजनीतिक बातचीत चलती रही।

ट्रंप ने समझौते का किया स्वागत

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसका श्रेय खुद को दिया। उन्होंने कहा कि टिकटॉक को बचाने में उन्हें संतोष है और अब यह प्लेटफॉर्म अमेरिकी निवेशकों के नियंत्रण में रहेगा। ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी आभार जताया।

यह भी पढ़े