पावर, पेस, गहराई और जीत की जबरदस्त भूख—ये चारों गुण मौजूदा दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम को T20 World Cup के सबसे खतरनाक दावेदारों में शामिल करते हैं। कागजों पर देखें तो प्रोटियाज के पास एक ऐसी संतुलित टीम है, जिसमें आक्रामक बल्लेबाज, धारदार तेज गेंदबाज और असरदार स्पिन विकल्प मौजूद हैं। खास बात यह है कि टीम के अधिकांश खिलाड़ी ऑलराउंडर की भूमिका निभाने में सक्षम हैं, जो टी20 जैसे फॉर्मेट में बेहद अहम माना जाता है।
T20 World Cup : ‘चोकर्स’ की छवि से मिली आज़ादी
T20 World Cup में दक्षिण अफ्रीका लंबे समय तक बड़े टूर्नामेंट्स में अहम मौकों पर हार के कारण ‘चोकर्स’ के नाम से जाना जाता रहा है। लेकिन 2023–2025 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर प्रोटियाज ने इस मिथक को काफी हद तक तोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक जीत ने न सिर्फ टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि खिलाड़ियों के दिमाग से बड़े मैचों का दबाव भी कम किया है।
ICC ट्रॉफी जीतने का मिला नया आत्मविश्वास
WTC फाइनल जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीकी ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आता है। खिलाड़ियों को अब यह भरोसा हो चुका है कि वे ICC के बड़े मंच पर भी दबाव झेल सकते हैं और जीत हासिल कर सकते हैं। यही आत्मविश्वास उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में एक खतरनाक टीम बनाता है।

बल्लेबाजी में पावर और गहराई
टी20 क्रिकेट में तेज शुरुआत और अंत के ओवरों में बड़े शॉट्स बेहद जरूरी होते हैं। दक्षिण अफ्रीका के पास ऐसे कई बल्लेबाज हैं जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर सकते हैं। टॉप ऑर्डर में आक्रामक बल्लेबाज तेज रन बना सकते हैं, वहीं मिडिल ऑर्डर में ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो जरूरत के हिसाब से पारी को संभालने या तेजी से रन बटोरने में माहिर हैं।






