Semicon 2.0: भारत बनेगा दुनिया का अगला सेमीकंडक्टर हब, ₹1.27 लाख करोड़ की मेगा योजना से बदल जाएगी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री

भारत अब सिर्फ मोबाइल असेंबल करने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि दुनिया के बड़े सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए Semicon 2.0 योजना को मंजूरी दे दी है।

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Wednesday, July 15, 2026

Semicon 2.0

भारत अब सिर्फ मोबाइल असेंबल करने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि दुनिया के बड़े सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए Semicon 2.0 योजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस योजना के लिए ₹1,27,500 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का लक्ष्य भारत में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, एडवांस पैकेजिंग और रिसर्च को बढ़ावा देकर देश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनाना है।

अगर यह योजना तय लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में भारत में बनने वाले स्मार्टफोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक कार, मेडिकल डिवाइस और रक्षा उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स का बड़ा हिस्सा देश में ही तैयार किया जा सकेगा।

आखिर Semicon 2.0 क्या है?

Semicon 2.0 केंद्र सरकार की नई सेमीकंडक्टर नीति है, जिसका मकसद भारत में पूरी चिप सप्लाई चेन विकसित करना है। अभी तक दुनिया के अधिकांश एडवांस चिप्स ताइवान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और चीन जैसे देशों में बनते हैं। भारत इस सेक्टर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है।

नई योजना के तहत सरकार घरेलू और विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहन देगी, ताकि भारत में बड़े स्तर पर सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, डिजाइन सेंटर और एडवांस पैकेजिंग यूनिट स्थापित हो सकें।

पहले चरण में क्या हासिल हुआ?

सरकार के मुताबिक Semicon 1.0 के तहत अब तक ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश वाले प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है।

इनमें शामिल हैं

1. सिलिकॉन सेमीकंडक्टर फैब
2. सिलिकॉन कार्बाइड फैब
3. गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले यूनिट
4. एडवांस सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट
इसके अलावा कई कंपनियां भारत में उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जबकि कुछ नई यूनिट अगले दो वर्षों में चालू होने वाली हैं।

Semicon 2.0 किन 6 क्षेत्रों पर करेगा सबसे ज्यादा काम?

भारत में ही डिजाइन होंगी नई चिप्स
सरकार भारतीय स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों को नई पीढ़ी की चिप डिजाइन करने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता देगी। इसका उद्देश्य भारत की अपनी बौद्धिक संपदा (IP) विकसित करना है।

मशीन और कच्चे माल का घरेलू उत्पादन
चिप बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स, गैस, मशीन और उपकरणों का निर्माण भारत में बढ़ाया जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।

नई सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां
सरकार देश में बड़े पैमाने पर नए फैब्रिकेशन प्लांट लगाने पर जोर दे रही है। इससे हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है।

एडवांस पैकेजिंग टेक्नोलॉजी
सिर्फ चिप बनाना ही नहीं, बल्कि उसकी आधुनिक पैकेजिंग भी भारत में की जाएगी ताकि पूरी वैल्यू चेन देश के भीतर विकसित हो सके।

रिसर्च और इनोवेशन
नई योजना के तहत दुनिया की अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक पर रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा और भारतीय इंजीनियरों को एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम करने का मौका मिलेगा।

स्किल डेवलपमेंट
देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सेमीकंडक्टर डिजाइन और चिप मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी ट्रेनिंग को और मजबूत किया जाएगा ताकि उद्योग को कुशल इंजीनियर मिल सकें।

किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?

Semicon 2.0 का असर केवल इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। इससे कई बड़े सेक्टरों को फायदा मिलेगा।

1. स्मार्टफोन और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग
2. लैपटॉप और कंप्यूटर
3. इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
4. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
5. 5G और टेलीकॉम
6. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
7. मेडिकल डिवाइस
8. रक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी

देश में कितने रोजगार बन सकते हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के जरिए आने वाले वर्षों में हजारों हाई-स्किल नौकरियां पैदा होंगी। सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

भारत को कैसे मिलेगा फायदा?

दुनिया में चिप्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि भारत घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ाने में सफल रहता है तो देश का इलेक्ट्रॉनिक्स आयात कम होगा, निर्यात बढ़ेगा और भारत वैश्विक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा। यही वजह है कि सरकार Semicon 2.0 को भविष्य की सबसे अहम औद्योगिक योजनाओं में से एक मान रही है।

ये भी पढ़ें

MPMS Scheme को मिली मंजूरी, भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा; जानिए क्या बदलेगा

Hydrogen Train India: भारत में पहली बार दौड़ेगी हाइड्रोजन इंजन वाली ट्रेन, जानिए कैसे करती है काम

23 जुलाई को लॉन्च होगी नई Maruti Brezza Facelift, खरीदने का प्लान है तो पहले जान लें क्या बदलने वाला है

iOS 27 Public Beta आया, iPhone का पूरा एक्सपीरियंस बदल देगा नया अपडेट; जानें आपके फोन में मिलेगा या नहीं