भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 20 वर्षों में भारत के बैंकिंग सिस्टम का दायरा और गहराई दोनों तेज़ी से बढ़े हैं। कुल जमा और कर्ज में हुई मजबूत वृद्धि देश में फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन के विस्तार को दर्शाती है।
जमा और एडवांस में तेज़ उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक FY05 से FY25 के बीच बैंक जमा 18.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 241.5 लाख करोड़ रुपये हो गए। इसी अवधि में SBI बैंक एडवांस 11.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 191.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए, जो लगातार मजबूत क्रेडिट ग्रोथ को दिखाता है।SBI रिपोर्ट के अनुसार महामारी के बाद भारतीय बैंकों की बैलेंस शीट में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। FY21 के बाद जमा और एडवांस, दोनों में वृद्धि की गति तेज़ हुई है। FY25 तक कुल बैंकिंग एसेट GDP के 77 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत हो गए।

पब्लिक सेक्टर बैंकों की वापसी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) का मार्केट शेयर दोबारा बढ़ रहा है। FY08 के बाद लंबे समय तक गिरावट के बाद अब PSB एडवांस में धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी वापस हासिल कर रहे हैं, जो बेहतर बैलेंस शीट और उधारी में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।जमा संरचना की बात करें तो कुल CASA अनुपात लगभग 37 प्रतिशत पर बना हुआ है। हालांकि, निजी बैंकों ने अपने CASA शेयर को मजबूत किया है, जबकि विदेशी बैंकों में इसमें कुछ गिरावट दर्ज की गई है।
कुल बैंकिंग एसेट में कई गुना बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय बैंकों का कुल एसेट साइज़ FY05 में 23.6 लाख करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 312.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। FY15 से FY21 के बीच जहां एसेट ग्रोथ धीमी रही, वहीं हाल के वर्षों में इसमें फिर से तेज़ी आई है।






