रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अपने प्रमुख कारोबारों में स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया है। टेलीकॉम, रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट की बदौलत कंपनी ने रेवेन्यू में डबल डिजिट ग्रोथ हासिल की।
RIL में शेयरों ने निवेशकों को दिया बेहतर रिटर्न
RIL में मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक रिलायंस के शेयरों ने निवेशकों को 15.1 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं दिसंबर तिमाही के दौरान स्टॉक में 14.3 फीसदी की तेजी देखी गई। शुक्रवार को NSE पर रिलायंस का शेयर 1,457.90 रुपये पर बंद हुआ।

रेवेन्यू में 10 फीसदी की बढ़त
दिसंबर तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.67 लाख करोड़ रुपये था। इस बढ़ोतरी में जियो, रिटेल और O2C सेगमेंट की अहम भूमिका रही।
EBITDA में 6.1 फीसदी की ग्रोथ
तीसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA 50,932 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 6.1 फीसदी अधिक है। वहीं EBITDA मार्जिन 18 फीसदी से घटकर 17.3 फीसदी पर आ गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स बनी ग्रोथ का इंजन
रिलायंस जियो ने इस तिमाही में 43,683 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 12.7 फीसदी ज्यादा है।
- सब्सक्राइबर बेस: 51.53 करोड़
- ARPU: 213.7 रुपये
- डेटा ट्रैफिक: 34 फीसदी की बढ़ोतरी
- EBITDA ग्रोथ: 16.4 फीसदी
- दिसंबर 2025 तक 5G यूजर्स: 25.3 करोड़
रिलायंस रिटेल का योगदान
रिलायंस रिटेल ने कंपनी के कुल रेवेन्यू में करीब 33 फीसदी का योगदान दिया।
- रेवेन्यू: 97,605 करोड़ रुपये
- ग्रोथ: 8.1 फीसदी (फेस्टिव और वेडिंग सीजन से सपोर्ट)
- नए स्टोर: 431
- कुल स्टोर: 19,979
- EBITDA: 6,915 करोड़ रुपये






