साल 2027 की जिन फिल्मों का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उनमें फिल्म ‘वाराणसी’ का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है। इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं एस.एस. राजामौली, जिन्होंने बाहुबली और आरआरआर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से दुनियाभर में पहचान बनाई है। ‘वाराणसी’ को लेकर चर्चा इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि इसमें महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे बड़े सितारे एक साथ नजर आने वाले हैं।
Priyanka Chopra को कैसे मिली राजामौली की नई दुनिया, अलग अंदाज की कहानी
राजामौली ने एक इंटरव्यू में बताया कि ‘वाराणसी’ उनके करियर की सबसे अलग फिल्मों में से एक है।Priyanka Chopra को उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है, जिसमें भारतीय संस्कृति, रहस्य और आधुनिक सिनेमा का अनोखा मेल देखने को मिलेगा। वाराणसी की पृष्ठभूमि पर बनी इस कहानी में एक्शन, इमोशन और थ्रिल तीनों का संतुलन रखा गया है।

महेश बाबू के करियर की सबसे बड़ी फिल्म?
महेश बाबू के लिए भी ‘वाराणसी’ बेहद खास मानी जा रही है। यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़े स्केल की प्रोजेक्ट्स में से एक है। इंटरव्यू के दौरान महेश बाबू ने कहा कि राजामौली के साथ काम करना हर अभिनेता का सपना होता है। उन्होंने माना कि इस फिल्म के लिए उन्हें फिजिकली और मेंटली खुद को एक नए स्तर पर तैयार करना पड़ा है।
सात साल बाद भारतीय सिनेमा में प्रियंका चोपड़ा की वापसी
‘वाराणसी’ की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है प्रियंका चोपड़ा की भारतीय फिल्मों में वापसी। प्रियंका पूरे सात साल बाद किसी इंडियन फिल्म में नजर आने वाली हैं। उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि वह लंबे समय से ऐसी स्क्रिप्ट का इंतजार कर रही थीं, जो उन्हें भीतर से उत्साहित करे।
प्रियंका ने कहा, “जब राजामौली सर ने मुझे फिल्म की कहानी सुनाई, तभी मुझे लगा कि यह वही प्रोजेक्ट है, जिसके लिए मैं भारत में फिर से काम करना चाहूंगी।”
प्रियंका चोपड़ा की शर्त क्या थी?
इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा ने खुलासा किया कि इस फिल्म के लिए हां कहने से पहले उन्होंने एक शर्त रखी थी। प्रियंका के मुताबिक, उनकी शर्त थी कि उनका किरदार सिर्फ सपोर्टिंग न हो, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाए। वह चाहती थीं कि उनका रोल मजबूत, प्रभावशाली और यादगार हो।





