अगर आप विदेश यात्रा करते हैं और वहां UPI के जरिए पैसों की भुगतान करते हैं, तो आने वाले समय में आपका यह अनुभव पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी देखने को सकता है। भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने HSBC India और JP Morgan Payments के साथ मिलकर अलग-अलग साझेदारियों की घोषणा की है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय UPI भुगतान के दौरान विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) का रियल-टाइम कन्वर्ज़न और तेज़ सेटलमेंट उपलब्ध कराना है।
क्या बदलेगा?
अभी कई अंतरराष्ट्रीय भुगतान में अंतिम रुपये की राशि और विदेशी मुद्रा विनिमय की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होती है।लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपयोगकर्ताओं को भुगतान से पहले ही भारतीय रुपये में वास्तविक राशि दिखाई देने की सुविधा मिल सकेगी। जिससे भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शी होने की काफ़ी उम्मीद है।
यात्रियों को कैसे होगा फायदा?
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ विदेश जाने वाले भारतीय पर्यटकों, छात्रों और कारोबारियों को मिल सकता है। रियल-टाइम FX कन्वर्ज़न के कारण भुगतान करते समय अनुमान लगाने की जरूरत कम होगी और लेनदेन अधिक सहज हो सकता है।

क्या भारत में रोज़मर्रा के UPI भुगतान पर असर पड़ेगा?
अगर बात करें UPI भुगतान पर असर पीड़ने की तो इसका जवाब है नहीं। फिलहाल यह पहल मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय UPI भुगतान को बेहतर बनाने के लिए है। भारत के भीतर Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM जैसे ऐप्स से होने वाले सामान्य UPI भुगतान के नियमों में कोई नया बदलाव घोषित नहीं किया गया है।
यह सुविधा कब मिलेगी?
वैसे तो NPCI ने साझेदारी की घोषणा कर दी है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा किस तारीख से उपलब्ध होगी और किन बैंकों या UPI ऐप्स पर पहले शुरू होगी, इसकी विस्तृत समय-सीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।





