KANPUR JHULELAL TEMPLE: 77 सालों से जल रही पाकिस्तान से आई अखंड ज्योति, विभाजन की यादें अब भी ताज़ा।

KANPUR JHULELAL TEMPLE आस्था का वह धाम है जहां 77 सालों से अखंड ज्योति जल रही है। खास बात यह है कि यह ज्योति पाकिस्तान के सिंध प्रदेश से लाई गई थी और आज भी वह लगातार जल रही है। पाकिस्तान से लाई गई ज्योति भारत विभाजन

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, August 29, 2025

KANPUR JHULELAL TEMPLE आस्था का वह धाम है जहां 77 सालों से अखंड ज्योति जल रही है। खास बात यह है कि यह ज्योति पाकिस्तान के सिंध प्रदेश से लाई गई थी और आज भी वह लगातार जल रही है।

पाकिस्तान से लाई गई ज्योति

भारत विभाजन के दौरान सिंध से विस्थापित लोग अपने आराध्य झूलेलाल की ज्योति साथ लेकर कानपुर पहुंचे थे। उसी ज्योति को KANPUR JHULELAL TEMPLE में प्रज्वलित किया गया और तब से यह निरंतर जल रही है।

सिंध के क्रूर शासक से जुड़ी कथा

कहा जाता है कि सिंध में एक समय एक अत्याचारी शासक ने हिंदुओं को जबरन धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर किया। तब भक्तों की पुकार पर झूलेलाल प्रकट हुए और उन्होंने समाज को अन्याय से बचाया। उसी घटना की याद में  आज भी लोगों की आस्था का केंद्र है।

KANPUR JHULELAL TEMPLE

KANPUR JHULELAL TEMPLE, आस्था और परंपरा

सिंधी समाज के लोग आज भी यहां हर दिन आरती, भजन करते हैं। सिंधी समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं को इस मंदिर से जोड़कर जीवित रखता है। KANPUR JHULELAL TEMPLE की अखंड ज्योति सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि विभाजन की ऐतिहासिक स्मृति का प्रतीक भी है।

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