इस साल दिवाली-छठ के त्योहारी शिखर से ठीक पहले बुधवार सुबह IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर लिंक और बुकिंग सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे लाखों यात्रियों के घर जाने की तैयारी प्रभावित हुई। कई यूजर्स ने लॉगिन न हो पाने, पेज लोड न होने और भुगतान विफल होने की शिकायतें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
IRCTC के कारण और आधिकारिक प्रतिक्रिया
IRCTC ने प्रारम्भिक तौर पर इसे ‘‘अस्थायी तकनीकी समस्या’’ या अत्यधिक ट्रैफिक से प्रभावित होने वाली सेवा बाधा बताया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह व्यापक डाटा/सर्वर लोड के कारण हुआ — यानि अचानक बढ़े हुए अनुरोधों (requests) ने सिस्टम को अस्थिर कर दिया, न कि पूरी तरह से परमानेंट डाउनटाइम का मामला। हालांकि यात्रियों की नज़र में यह कोई छोटी गड़बड़ी नहीं थी क्योंकि वे तत्काल (Tatkal) और त्योहारी पिक टिकट बुक कर रहे थे।

यात्रियों की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर हंगामा
ट्विटर और अन्य प्लेटफार्मों पर यात्रियों का गुस्सा तेज दिखा — कईयों ने यह कहा कि टैटकल बुकिंग के समय साइट क्रैश हो गई और जब सिस्टम वापस आया तो टिकटों की उपलब्धता समाप्त हो चुकी थी। Downdetector जैसी सेवाओं पर भी आउटेज रिपोर्ट्स की संख्या तेज़ी से बढ़ी, जिससे समस्या का पैमाना सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट हुआ। कई यात्रियों ने हेल्पलाइन और रेल मंत्रालय को टैग कर मदद की गुहार लगाई।
यात्रियों के लिए क्या करना चाहिए — विकल्प और सुझाव
विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि त्योहारों के समय बुकिंग करते समय वैकल्पिक चैनलों का इस्तेमाल करें — जैसे आधिकारिक सरकारी ऐप्स, अधिकृत IRCTC एजेंट या रिलायबल थर्ड-पार्टी ऐप्स जिनके पास IRCTC के API के माध्यम से कनेक्शन होते हैं। साथ ही भुगतान करते समय बैंक ट्रांज़ेक्शन स्टेटस का स्क्रीनशॉट रखें और किसी भी डबल चार्ज होने पर बैंक/IRCTC के माध्यम से रिफंड की मांग जरूर करें। त्योहारों से पहले यात्रा योजनाएँ अगर सम्भव हो तो ऑफ-पीक समय में कन्फर्म कर लें, ताकि अंतिम वक्त की भीड़ से बचा जा सके।

रेलवे और IRCTC से क्या अपेक्षा की जा सकती है
रेलवे प्रबंधन और IRCTC को त्योहारी मांगों को लेकर सर्वर क्षमता और स्केलिंग पर काम करना होगा — विशेषकर Tatkal और त्योहारी बुकिंग पिक्स को संभालने के लिए। आगे के लिए बेहतर कैशिंग, लोड-बैलेंसिंग और यूज़र-साइड मैनेजमेंट जैसे तकनीकी उपाय यात्रियों को राहत पहुंचाने में मदद करेंगे। अधिकारियों से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे स्पष्ट कम्युनिकेशन और रियल-टाइम अपडेट दें ताकि यात्रियों में पैनिक न फैले।






