Identity Theft कहीं आपके नाम, फोन नंबर या पैन कार्ड पर कोई और तो नहीं ले रहा लोन, चुटकियों में करें चेक और क्रेडिट स्कोर बनाएं मजबूत

डिजिटल इंडिया के दौर में बैंकिंग जितनी आसान हुई है, उतना ही तेजी से पहचान चोरी (Identity Theft) का खतरा भी बढ़ा है। अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोगों ने कभी लोन के लिए आवेदन नहीं किया, फिर भी उनके नाम पर भारी कर्ज

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Monday, January 26, 2026

Identity Theft

डिजिटल इंडिया के दौर में बैंकिंग जितनी आसान हुई है, उतना ही तेजी से पहचान चोरी (Identity Theft) का खतरा भी बढ़ा है। अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोगों ने कभी लोन के लिए आवेदन नहीं किया, फिर भी उनके नाम पर भारी कर्ज दर्ज हो गया।

Identity Theft से री-साइकिल सिम बना बड़ी परेशानी

टेलीकॉम कंपनियों द्वारा पुराने मोबाइल नंबर नए ग्राहकों को देने की प्रक्रिया कई बार गंभीर वित्तीय संकट पैदा कर देती है। Identity Theft जब पुराना ग्राहक बैंक रिकॉर्ड में नंबर अपडेट नहीं करता, तो नया सिम धारक रिकवरी कॉल्स और नोटिस का शिकार बन जाता है।

शिमला की घटना ने खोली पोल

शिमला की एक युवती ने नया सिम लेते ही बैंक और रिकवरी एजेंटों के फोन झेलने शुरू कर दिए। जांच में सामने आया कि उस नंबर के पुराने मालिक ने कई लोन लेकर नंबर बंद कर दिया था, जिसकी मार नए यूजर पर पड़ी।

Identity Theft

बैंक क्यों नहीं पहचान पाते फर्क?

बैंक अधिकारियों के अनुसार, ग्राहक द्वारा दिया गया मोबाइल नंबर ही संपर्क का मुख्य जरिया होता है। अगर KYC अपडेट नहीं होता, तो बैंक पुराने नंबर पर ही लोन और रिकवरी से जुड़े संदेश भेजते रहते हैं।

सिर्फ कॉल ही नहीं, बड़ा डेटा खतरा

साइबर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह समस्या केवल कॉल तक सीमित नहीं है। जालसाज पुराने डेटा का इस्तेमाल कर फिनटेक ऐप्स से फर्जी लोन ले लेते हैं, जिसका सीधा असर पीड़ित के क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है।

फर्जी लोन की पहचान कैसे करें?

अपने नाम पर किसी भी अनजान लोन का पता लगाने का सबसे भरोसेमंद तरीका क्रेडिट रिपोर्ट है। CIBIL, Experian या Equifax से साल में एक बार मुफ्त रिपोर्ट लेकर ‘Accounts’ और ‘Enquiries’ सेक्शन जरूर जांचें।

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