Explainer: बिहार के पूर्व CM Karpuri Thakur को याद करना क्यों है जरूरी? JDU का प्लान जानिये

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भारत रत्न जननायक Karpuri Thakur की 102वीं जयंती को राज्यभर में भव्य तरीके से मनाने की योजना बनाई है। पार्टी इसे संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक संदेश के अवसर के रूप में देख रही है। Karpuri

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Wednesday, January 21, 2026

Karpuri Thakur

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भारत रत्न जननायक Karpuri Thakur की 102वीं जयंती को राज्यभर में भव्य तरीके से मनाने की योजना बनाई है। पार्टी इसे संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक संदेश के अवसर के रूप में देख रही है।

Karpuri Thakur के लिए सभी जिलों में होंगे आयोजन

Karpuri Thakur पार्टी ने तय किया है कि बिहार के हर जिले में जयंती समारोह आयोजित किए जाएंगे। सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को इन कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल रहने के निर्देश दिए गए हैं। पटना के कर्पूरी सभागार में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी तय मानी जा रही है।
Karpuri Thakur

ईबीसी वर्ग तक संदेश पहुंचाने की कोशिश

जेडीयू नेताओं का कहना है कि कर्पूरी जयंती के माध्यम से अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को एकजुट करने और जननायक के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बिहार की राजनीति में ईबीसी की आबादी करीब 36 प्रतिशत बताई जाती है, जिससे यह वर्ग राजनीतिक रूप से बेहद अहम बन जाता है।

एनडीए की जीत के बाद क्यों खास है यह जयंती

हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली जीत में ईबीसी वोट बैंक की भूमिका अहम मानी गई। जेडीयू का दावा है कि 2005 से नीतीश कुमार ने इस वर्ग को लगातार साथ जोड़े रखा है। पार्टी मानती है कि कर्पूरी ठाकुर की विरासत और नीतीश कुमार की नीतियां एक ही दिशा में जाती हैं।

नेताओं के बयान

जेडीयू के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ और प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि यह आयोजन किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता की विचारधारा को मजबूत करने का प्रयास है। पार्टी का दावा है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों का वास्तविक अनुकरण नीतीश कुमार ही कर रहे हैं

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