महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक ‘दावोस समिट 2026’ में भाग लेकर राज्य के विकास एजेंडे को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाया है। यह समिट 19 से 23 जनवरी तक “संवाद की भावना” थीम के तहत आयोजित हो रही है।
Devendra Fadnavis का वैश्विक चुनौतियों के बीच संवाद
इस साल के दावोस समिट में Devendra Fadnavis दुनिया भर के नेता, नीति-निर्माता और उद्योग जगत की हस्तियां भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितताओं और नई तकनीकों के असर पर चर्चा कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक सहयोग बना हुआ है, हालांकि उसके स्वरूप में बदलाव देखने को मिल रहा है।

निवेश और साझेदारी पर फोकस
मुख्यमंत्री की भागीदारी का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की यात्रा को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और निवेश सहयोग के जरिए मजबूत करना है। राज्य सरकार वैश्विक निवेशकों के सामने महाराष्ट्र को एक भरोसेमंद और भविष्य-ready गंतव्य के रूप में पेश कर रही है।
2030 तक $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य
महाराष्ट्र ने 2030 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और सेवा क्षेत्रों में तेज़ विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार, उद्योगों का विविधीकरण और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की योजना है।
बदलते वैश्विक सहयोग का परिदृश्य
WEF और मैकिन्से एंड कंपनी की ग्लोबल कोऑपरेशन बैरोमीटर 2026 रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते वैश्विक दबावों के बावजूद सहयोग का स्तर कुल मिलाकर स्थिर है। हालांकि, पारंपरिक बहुपक्षीय ढांचे कमजोर पड़ रहे हैं और छोटे, हित-आधारित गठजोड़ उभर रहे हैं।
महाराष्ट्र की सक्रिय वैश्विक भूमिका
महाराष्ट्र का प्रतिनिधिमंडल राज्य को केवल निवेश गंतव्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक लचीलापन, तकनीक अपनाने, जलवायु और सामाजिक विकास जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक सक्रिय आवाज़ के रूप में स्थापित कर रहा है।






