मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) में सत्ता की तस्वीर साफ न होने के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
Eknath Shinde के साथ और 29 पार्षद एक होटल में रखे गए
Eknath Shinde गुट के 29 निर्वाचित पार्षदों को मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव-स्टार होटल में ठहराया गया है। सभी पार्षदों को बुधवार दोपहर तक होटल में रिपोर्ट करने और अगले तीन दिनों तक वहीं रहने के निर्देश दिए गए हैं।

हॉर्स-ट्रेडिंग रोकने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सत्ता गठन के दौरान संभावित दलबदल और हॉर्स-ट्रेडिंग को रोकने के लिए लिया गया है। शिंदे गुट किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता, खासकर तब जब मेयर पद को लेकर समीकरण अभी तय नहीं हुए हैं।
बहुमत से दूर बीजेपी, सहयोग अहम
BMC में सत्ता बनाने के लिए 114 कॉर्पोरेटरों का समर्थन जरूरी है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उसके पास 89 सीटें ही हैं। ऐसे में उसे शिवसेना (शिंदे गुट) के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
उद्धव ठाकरे गुट की स्थिति
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (UBT) गुट के पास 65 पार्षद हैं। यदि उन्हें एमएनएस और कांग्रेस का समर्थन मिलता है तो यह आंकड़ा 98 तक पहुंच जाता है, जो बहुमत से अब भी कम है।
‘होटल पॉलिटिक्स’ की पुरानी यादें
मुंबई की राजनीति में ‘होटल पॉलिटिक्स’ कोई नई बात नहीं है। 2017 में BMC सत्ता गठन के दौरान और 2019 में महाविकास अघाड़ी बनने के समय भी चुने हुए प्रतिनिधियों को होटलों में रखा गया था। 2022 में शिंदे गुट के विधायकों का गुवाहाटी जाना भी इसी राजनीति की याद दिलाता है।






