(Apple/ Google)1 बिलियन डॉलर का सौदा: एआई की दुनिया में नई साझेदारी

टेक उद्योग में एक अनूठा मोड़ तब आया जब एप्पल ने गूगल के अत्याधुनिक एआई मॉडल Gemini को अपने वॉयस असिस्टेंट Siri के लिए अपनाने का निर्णय लिया है। एप्पल और गूगल एक ऐसे समझौते के करीब हैं जिसमें एप्पल लगभग 1 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष देकर गूगल की प्रौद्योगिकी तक पहुँच बनाएगा।
Apple का लक्ष्य, प्रतिस्पर्धियों के बराबर क्षमता
Apple अब Siri को और अधिक स्मार्ट और सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इस पहल का उद्देश्य यह है कि Siri अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे Google Assistant और Amazon Alexa के स्तर तक पहुँच सके। पिछले कुछ वर्षों में, Siri की तुलना में Google Assistant और Alexa ने जटिल मल्टी-स्टेप अनुरोधों को समझने और पूरा करने की क्षमता में बेहतर प्रदर्शन किया है। जहाँ Google Assistant एक साथ कई कार्यों को जोड़ सकता है वहीं Siri अब तक अपेक्षाकृत सीमित दायरे में काम करती रही है।
नया अपडेट क्या बदलेगा?
Apple का यह नया कदम Siri को अधिक संदर्भ-सक्षम (context-aware) और लचीला (flexible) बनाने की दिशा में है। इसका मतलब यह है कि अब Siri एक ही कमांड में कई चरणों वाले कार्यों को समझने और पूरा करने में सक्षम होगी जैसे कैलेंडर में मीटिंग जोड़ना, ईमेल भेजना और रिमाइंडर सेट करना, सब कुछ एक ही निर्देश से।
Gemini मॉडल,क्यों हैं इतना महत्वपूर्ण?
गूगल का Gemini मॉडल लगभग 1.2 ट्रिलियन पैरामीटर का है यह एप्पल की वर्तमान प्रणालियों से कहीं अधिक विकसित माना जा रहा है। एप्पल ने यह मॉडल अंतरिम समाधान के रूप में लिया है जब तक कि उसकी अपनी एआई प्रणाली पूरी तरह तैयार न हो जाए। इस सौदे में यह स्पष्ट किया गया है कि गूगल एआई सर्च को एप्पल के ओएस में सीधे एकीकृत नहीं किया जा रहा है।






