Fake QR Code Scam के मामलों में हाल के महीनों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। साइबर सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर लोगों को फर्जी QR Code से जुड़े फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह देती रही हैं। ठग दुकानों, पार्किंग, ऑनलाइन विज्ञापनों या सोशल मीडिया के जरिए नकली QR Code लगाकर लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।
Fake QR Code Scam कैसे होता है?
इस तरीके में असली QR Code की जगह नकली QR Code चिपका दिया जाता है। जब कोई व्यक्ति उसे स्कैन करता है, तो वह फर्जी वेबसाइट या भुगतान पेज पर पहुंच सकता है। कुछ मामलों में यूजर से संवेदनशील जानकारी या भुगतान करवाने की कोशिश की जाती है।
Fake QR Code Scam से कैसे बचें?
1. QR Code स्कैन करने से पहले उसके स्रोत की जांच करें।
2. किसी भी तरह के भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम जरूर देखें।
3. अनजान किसी भी वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी दर्ज न करें।
4. केवल भरोसेमंद UPI और बैंकिंग ऐप का उपयोग करें।
5. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
किन जगहों पर सबसे ज्यादा सावधानी रखें?
1. दुकान और रेस्टोरेंट
2. पार्किंग पेमेंट
3. पेट्रोल पंप
4. सोशल मीडिया ऑफर
5. ऑनलाइन क्लासीफाइड वेबसाइट

डिजिटल पेमेंट सुविधाजनक है, लेकिन Fake QR Code Scam जैसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए हर भुगतान से पहले QR Code और प्राप्तकर्ता की जानकारी जांचना बेहद जरूरी है।
कुछ जरूरी सवाल
सवाल :- Fake QR Code Scam क्या है?
जवाब :- यह ऐसा साइबर फ्रॉड है जिसमें नकली QR Code के जरिए लोगों को गलत भुगतान या फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है।
सवाल :- क्या QR Code स्कैन करने से ही पैसा कट जाता है?
जवाब :- सामान्यतः केवल स्कैन करने से पैसा नहीं कटता, लेकिन यदि आप आगे भुगतान की पुष्टि करते हैं या संवेदनशील जानकारी साझा करते हैं तो जोखिम हो सकता है।
सवाल :- ठगी होने पर क्या करें?
जवाब :- तुरंत बैंक से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।





