आरोपी को बचाने के लिए अपहृता खुद पहुंची Bagaha Court News, 27 साल बाद हुआ दोष मुक्त

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित Bagaha Court News ने करीब 27 वर्ष पुराने अपहरण के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, February 6, 2026

Bagaha Court News

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित Bagaha Court News ने करीब 27 वर्ष पुराने अपहरण के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने सुनाया।

मामला सत्र वाद संख्या 871/2023 से संबंधित है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1999 में दर्ज प्राथमिकी से हुई थी।

Bagaha Court News ने किस धारा में था मामला दर्ज

इस प्रकरण में अभियुक्त रामजी राय पर भारतीय दंड संहिता की धारा 366 के तहत आरोप लगाया गया था। इस धारा के अंतर्गत किसी महिला का अपहरण कर विवाह करने या अवैध संबंध बनाने का मामला आता है। Bagaha Court News अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आरोपी ने एक युवती को बहला-फुसलाकर अगवा किया और उससे विवाह किया।
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1999 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

मामले की जड़ वर्ष 1999 में है। अभियोजन के अनुसार, 11 जून 1999 को गोबरधाना थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने की सूचना मिली थी। इसके बाद युवती के पिता पारस यादव ने 12 जून 1999 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि रामजी राय ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

जांच और कोर्ट तक पहुंचने की प्रक्रिया

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और अनुसंधान पूरा कर आरोप पत्र दाखिल किया। वर्ष 2000 में मामला न्यायालय में विचाराधीन हुआ।

हालांकि, विभिन्न कारणों से मामला लंबे समय तक लंबित रहा। लगभग दो दशक बाद 21 जून 2024 को आरोप का गठन किया गया और इसके बाद वर्ष 2025 में साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

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