Union Budget 2026: आज भी सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने की संभावना, BJP सांसद बोले- विपक्ष का वॉकआउट निंदनीय

संसद का Union Budget 2026 शुरू होते ही राजनीतिक टकराव और हंगामे का केंद्र बन गया है। सत्र के पहले ही दिनों से विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा है, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। इस कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, February 6, 2026

Union Budget 2026

संसद का Union Budget 2026 शुरू होते ही राजनीतिक टकराव और हंगामे का केंद्र बन गया है। सत्र के पहले ही दिनों से विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा है, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। इस कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा तक नहीं हो सकी।

Union Budget 2026 :धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा बार-बार बाधित

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद परंपरागत रूप से संसद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को रखती है। हालांकि, इस बार विपक्ष के विरोध और शोर-शराबे के चलते लोकसभा में यह चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी।

Union Budget 2026 सदन के बार-बार स्थगित होने से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और गहरा गया।

राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

लोकसभा में चर्चा बाधित होने के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला और पुराने शासनकाल की नीतियों व फैसलों पर सवाल खड़े किए।

प्रधानमंत्री का यह भाषण राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें उन्होंने सीधे तौर पर विपक्ष की रणनीति पर निशाना साधा।

Union Budget 2026कांग्रेस शासनकाल की खामियों का जिक्र

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस के लंबे शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि देश को दशकों तक ऐसी नीतियों का सामना करना पड़ा, जिनसे विकास की रफ्तार धीमी हुई। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में जवाबदेही और पारदर्शिता का अभाव था।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने बीते वर्षों में सिस्टम को बदलने और आम नागरिक को केंद्र में रखने की कोशिश की है।

राहुल गांधी पर बिना नाम लिए हमला

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक सांसद सिख समुदाय को लेकर आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं और फिर ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं।

पीएम मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा,
“ऐसे ही खुलेगी मोहब्बत की दुकान,”
जिसे सीधे तौर पर विपक्ष की राजनीति पर कटाक्ष माना जा रहा है।

सिख समुदाय का मुद्दा उठाया

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिख समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि देश के इतिहास में इस समुदाय ने हमेशा बलिदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक फायदे के लिए समाज को बांटने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उनका कहना था कि देश को जोड़ने की बात करने वालों को अपने शब्दों और आचरण दोनों पर ध्यान देना चाहिए।

नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर का हवाला

पीएम मोदी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के शासनकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में लिए गए कई फैसलों का असर देश ने लंबे समय तक झेला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ना जरूरी है, ताकि वही गलतियां दोबारा न दोहराई जाएं।

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