यूनियन बजट 2026 को लेकर MIT से जुड़े विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। जहां एक ओर सरकार द्वारा टूरिज्म को रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और कनेक्टिविटी बढ़ाने के अहम साधन के रूप में पहचानने का स्वागत किया गया है, वहीं दूसरी ओर प्रमोशन और मार्केटिंग के लिए ठोस योजना न होने को लेकर सवाल भी उठाए गए हैं।
इंडस्ट्री का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग पर जोर सेक्टर की लंबी अवधि की मजबूती के लिए जरूरी है, लेकिन बिना मांग बढ़ाए इन पहलों का पूरा लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।
MIT में रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
बजट में MIT को देश की आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख इंजन बताया गया है। सरकार ने संकेत दिया है कि स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें पर्यटन से जुड़े रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। इससे न केवल बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना टूरिज्म सेक्टर की मजबूत नींव तैयार करता है। बेहतर ट्रेनिंग से सर्विस क्वालिटी सुधर सकती है, जो घरेलू और विदेशी पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएगी।

प्रमोशन और मार्केटिंग पर उठे सवाल
हालांकि, टूरिज्म इंडस्ट्री के कई जानकारों ने बजट में प्रमोशन और मार्केटिंग के लिए ठोस उपायों की कमी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नए या विकसित हो रहे टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत प्रचार रणनीति जरूरी है।
इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, अगर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट रोडमैप नहीं होगा, तो इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग पर किया गया निवेश अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएगा।






