मंत्री Satpal Maharaj ने ‘गोदान’ फिल्म के पोस्टर-टीजर किए लॉन्च, कहा- इससे गो हत्या करने वालों का होगा हृदय परिवर्तन

उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति मंत्री Satpal Maharaj ने गौ माता के महत्व और संरक्षण पर आधारित फीचर फिल्म ‘गोदान’ का टीज़र, गाने और पोस्टर लॉन्च किया। यह आयोजन उनके कैंप कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां फिल्म से जुड़े कलाकार, निर्माता और अन्य अतिथि भी

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, January 30, 2026

Satpal Maharaj

उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति मंत्री Satpal Maharaj ने गौ माता के महत्व और संरक्षण पर आधारित फीचर फिल्म ‘गोदान’ का टीज़र, गाने और पोस्टर लॉन्च किया। यह आयोजन उनके कैंप कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां फिल्म से जुड़े कलाकार, निर्माता और अन्य अतिथि भी मौजूद रहे।
मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘गोदान’ केवल एक मनोरंजक फिल्म नहीं है, बल्कि यह समाज को एक गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशदेने का प्रयास भी है।

Satpal Maharaj ने जानकारी दी कि 6 फरवरी 2026 को देशभर में रिलीज होगी ‘गोदान’

Satpal Maharaj ने जानकारी दी कि विनोद चौधरी के निर्देशन में बनी यह फिल्म 6 फरवरी 2026 से पूरे देश के सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गौ माता का विशेष स्थान है और इस फिल्म के माध्यम से उसी सांस्कृतिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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फिल्म इंडस्ट्री में आ रहा सकारात्मक बदलाव

टीज़र लॉन्च कार्यक्रम के दौरान सतपाल महाराज ने बॉलीवुड में हो रहे बदलावों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज की फिल्म इंडस्ट्री केवल पारंपरिक या पारिवारिक कहानियों तक सीमित नहीं रह गई है।
अब निर्माता और निर्देशक सामाजिक मुद्दों, सांस्कृतिक सरोकारों, सस्पेंस-थ्रिलर और वैकल्पिक विषयों पर भी काम कर रहे हैं।
उनके शब्दों में,

“सनातन की आत्मा गोमाता में बसती है। जब हम अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, तब ‘गोदान’ जैसी फिल्में हमें हमारी मूल संस्कृति और मूल्यों की याद दिलाती हैं।”

वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत की गई कहानी

मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि ‘गोदान’ को केवल भावनात्मक या धार्मिक नजरिए से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ भी प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों ने मिलकर समाज को यह समझाने का प्रयास किया है कि गौ माता केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवनशैली, कृषि और पर्यावरण संतुलन का भी अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म किसी एक वर्ग या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि विशेष रूप से देश के युवाओं को अपनी संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

40 करोड़ की लागत, भव्य स्तर पर निर्माण

फिल्म ‘गोदान’ को लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसकी भव्यता को दर्शाने के लिए शूटिंग देश के कई प्रमुख और दर्शनीय स्थानों पर की गई है।फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों, नोएडा, मथुरा और मुंबई के विभिन्न लोकेशनों पर हुई है।
निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इसमें कई सच्ची घटनाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे दर्शक इससे भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।

‘गोदान’ से होगा हृदय परिवर्तन: सतपाल महाराज

सतपाल महाराज ने विश्वास जताया कि यदि गो हत्या जैसे अपराधों में शामिल लोग इस फिल्म को एक बार देख लें, तो उनका हृदय परिवर्तन अवश्य होगा।उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज पर गहरा प्रभाव डालता है और ‘गोदान’ जैसी फिल्में लोगों को सोचने और आत्ममंथन के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
उनके अनुसार, यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ संवेदना, करुणा और जिम्मेदारी का भाव भी पैदा करेगी।

गौ संरक्षण और सामाजिक सवाल

टीज़र लॉन्च के दौरान जब सतपाल महाराज से यह सवाल पूछा गया कि देश में गो हत्या के कई मामले सामने आते रहते हैं और भारत गो मांस निर्यात में भी अग्रणी देशों में शामिल है, वहीं उत्तराखंड में भी गोवंश की दुर्दशा की खबरें आती रहती हैं—तो सरकार इस दिशा में क्या कर रही है?
इस पर मंत्री सतपाल महाराज ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय पर अध्ययन कराया जा रहा है और सरकार स्थिति को समझने के बाद आवश्यक कदम उठाएगी।

‘गोदान’ से जुड़ी उम्मीदें

फिल्म ‘गोदान’ को लेकर निर्माताओं और सरकार दोनों को उम्मीद है कि यह केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता भी बढ़ाएगी।आज जब तेज़ी से बदलती जीवनशैली में पारंपरिक मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं, ऐसे समय में यह फिल्म भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और गौ माता के महत्व पर नए सिरे से संवाद शुरू कर सकती है।

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