दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला ने अपने तेल उद्योग में दशकों का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए एक नया अध्याय शुरू किया है। राष्ट्रीय विधानसभा द्वारा पारित व्यापक तेल कानून सुधार PDVSA ने लंबे समय से पूरी तरह राज्य-नियंत्रित इस क्षेत्र को विदेशी और निजी निवेश के लिए खोल दिया है। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल तेल उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे देश को नई दिशा भी देगा।
PDVSA राज्य नियंत्रण से आंशिक उदारीकरण की ओर
अब तक वेनेज़ुएला का तेल क्षेत्र लगभग पूरी तरह पेट्रोलियोज़ डी वेनेज़ुएला (PDVSA) के नियंत्रण में था। राष्ट्रीयकरण की नीतियों के कारण निजी और विदेशी कंपनियों की भूमिका सीमित हो गई थी। नए कानून के तहत इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
अब विदेशी ऊर्जा कंपनियों को न केवल संयुक्त परियोजनाओं में भाग लेने, बल्कि उत्पादन परियोजनाओं के प्रत्यक्ष संचालन और कुछ मामलों में निर्यात व खनन से जुड़े फैसलों में भी अधिक अधिकार मिलेंगे।

विदेशी कंपनियों को क्या नई सुविधाएँ मिलेंगी
तेल कानून में किए गए सुधार विदेशी निवेशकों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आए हैं।
विदेशी और निजी कंपनियों को तेल उत्पादन और विकास परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाने की अनुमति।
खनन और निर्यात से जुड़े अनुबंधों में अधिक परिचालन स्वतंत्रता।
कर और रॉयल्टी ढांचे में लचीलापन, ताकि परियोजनाएँ आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य बन सकें।
सरकार को उम्मीद है कि इन प्रोत्साहनों से वेनेज़ुएला का ऊर्जा क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए फिर से आकर्षक बनेगा।






