“अब पीछे मुड़कर नहीं देखना”: 40 की उम्र में ज़्यादा रोल मिलने पर मोना सिंह ने कहा; Rannvijay Singha और बरुण सोबती ने मौकों पर ज़ोर दिया

Rannvijay Singha भारत का OTT (Over-The-Top) इकोसिस्टम बीते कुछ वर्षों में केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि यह कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह से नया रूप देने वाला मंच बन चुका है। जहां पहले फिल्म और टेलीविज़न ही कलाकारों के लिए मुख्य विकल्प हुआ

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Thursday, January 29, 2026

Rannvijay Singha

Rannvijay Singha भारत का OTT (Over-The-Top) इकोसिस्टम बीते कुछ वर्षों में केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि यह कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह से नया रूप देने वाला मंच बन चुका है। जहां पहले फिल्म और टेलीविज़न ही कलाकारों के लिए मुख्य विकल्प हुआ करते थे, वहीं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने न सिर्फ दर्शकों की पसंद बदली है, बल्कि कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए कहीं ज़्यादा आज़ादी दी है।इसी बदलते परिदृश्य पर हाल ही में अभिनेता Rannvijay Singha , Mona Singh और Barun Sobti ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे OTT ने उनके करियर और सोच दोनों को नई दिशा दी है।

Rannvijay Singha : “OTT मेरे जैसे लोगों के लिए वरदान है”

रियलिटी टीवी से अभिनय की दुनिया में मजबूत पहचान बनाने वाले रणविजय सिंघा का मानना है कि OTT ने इंडस्ट्री के नियम बदल दिए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की असली ताकत उसकी स्क्रिप्ट और कहानी में होती है।

Rannvijay Singha के मुताबिक, OTT ने उन कलाकारों को भी अवसर दिया है जो पारंपरिक ढांचे में फिट नहीं बैठते थे। यहां फिक्शन और नॉन-फिक्शन दोनों तरह की कहानियों के लिए जगह है और कलाकार अपने तरीके से किरदारों को गढ़ सकते हैं। उनके अनुसार, यह मंच कलाकारों को सिर्फ लोकप्रियता नहीं, बल्कि गहराई और विविधता भी देता है।
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बरुण सोबती: “OTT पर कहानी को सही समय मिलता है”

इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा ‘कोहरा’ के दूसरे सीज़न में अमरपाल गरुंडी के किरदार में वापसी कर रहे बरुण सोबती ने OTT को कहानी कहने का सबसे संतुलित माध्यम बताया। Mona Singh कहना है कि फिल्मों में अक्सर समय की कमी होती है, जबकि टीवी शोज़ जरूरत से ज्यादा लंबे हो जाते हैं। OTT इन दोनों के बीच एक आदर्श संतुलन बनाता है, जहां कहानी को न तो जल्दबाज़ी में समेटा जाता है और न ही खींचा जाता है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि OTT की लहर ने उनके जैसे कलाकारों को ऐसे किरदार निभाने का मौका दिया, जो शायद पहले संभव नहीं था। उनके अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने अभिनय को फिर से केंद्र में ला दिया है।

Mona Singh: “OTT ने उम्र की दीवार तोड़ी”

मोना सिंह ने OTT को खासतौर पर महिला कलाकारों के लिए गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि 40 की उम्र में उन्हें ऐसे किरदार मिल रहे हैं, जिनकी उन्होंने 30 की उम्र में भी कल्पना नहीं की थी।मोना सिंह का मानना है कि OTT ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती। यहां महिला कलाकारों को सिर्फ सपोर्टिंग रोल तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें जटिल, मजबूत और प्रयोगात्मक किरदार निभाने का मौका मिलता है।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मेकर्स और राइटर्स भी ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं, क्योंकि यहां दर्शक नई सोच और नए प्रयोगों को अपनाने के लिए तैयार रहते हैं।

‘कोहरा सीज़न 2’: नई कास्ट, नया रहस्य

खास बात यह है कि रणविजय सिंघा, मोना सिंह और बरुण सोबती जल्द ही एक साथ ‘कोहरा सीज़न 2’ में नज़र आने वाले हैं। यह शो एक बार फिर दर्शकों को एक गहरे इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा की दुनिया में ले जाएगा।

जहां Barun Sobti अपने चर्चित किरदार अमरपाल गरुंडी में लौट रहे हैं, वहीं रणविजय और मोना इस सीज़न में नए चेहरे के रूप में कहानी में नई परतें जोड़ेंगे। तीनों कलाकारों की मौजूदगी से शो की गंभीरता और प्रभाव और बढ़ने की उम्मीद है।

निर्देशन और रिलीज़ डिटेल्स

सुदीप शर्मा द्वारा निर्देशित यह बहुप्रतीक्षित सीरीज़ 11 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होने जा रही है। मेकर्स का दावा है कि दूसरा सीज़न पहले से ज़्यादा रहस्यमयी, भावनात्मक और दमदार होगा।OTT के बढ़ते प्रभाव और इस तरह की कंटेंट-ड्रिवन सीरीज़ यह साफ संकेत देती हैं कि भारतीय दर्शक अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मजबूत कहानी और सशक्त अभिनय भी चाहते हैं।

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