अच्छी फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर न चलना दिल तोड़ने वाला: Bhumi Pednekar

अभिनेत्री Bhumi Pednekar का मानना है कि जब अच्छी और गंभीर विषयों पर बनी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पातीं, तो यह कलाकारों और फिल्ममेकर्स के लिए बेहद निराशाजनक होता है। उन्होंने साफ कहा कि इसके लिए केवल इंडस्ट्री नहीं, बल्कि दर्शक

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Thursday, January 29, 2026

Bhumi Pednekar

अभिनेत्री Bhumi Pednekar का मानना है कि जब अच्छी और गंभीर विषयों पर बनी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पातीं, तो यह कलाकारों और फिल्ममेकर्स के लिए बेहद निराशाजनक होता है। उन्होंने साफ कहा कि इसके लिए केवल इंडस्ट्री नहीं, बल्कि दर्शक भी कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्हीं की प्रतिक्रिया भविष्य की फिल्मों की दिशा तय करती है।

Bhumi Pednekar की फिल्में ‘भीड़’ और ‘अफवाह’ का जिक्र

Bhumi Pednekar ने अपनी फिल्मों ‘भीड़’ और ‘अफवाह’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ये दोनों फिल्में महामारी, प्रवासी संकट और सामाजिक मुद्दों पर आधारित थीं। आलोचकों से इन्हें सराहना भी मिली, इसके बावजूद ये थिएटरों में ज्यादा समय तक टिक नहीं पाईं।
उनका कहना है, “जब ‘भीड़’ या ‘अफवाह’ जैसी फिल्में नहीं चलतीं, तो बहुत दुख होता है। हमने इन फिल्मों में ईमानदारी से काम किया था।”
Bhumi Pednekar

दर्शकों की भूमिका पर सवाल

भूमी का मानना है कि अगर दर्शक अच्छी फिल्मों को थिएटर में जाकर नहीं देखेंगे, तो ऐसी फिल्में बनना भी बंद हो जाएंगी।
उन्होंने कहा, “अगर आपको अच्छा सिनेमा चाहिए, तो आपको उस फिल्म को देखना होगा। यह मुर्गी और अंडे जैसा सवाल है, लेकिन सच्चाई यही है कि छोटी और अच्छी फिल्मों को समर्थन जरूरी है।”

अब सिर्फ शुक्रवार के नंबरों की दौड़

अभिनेत्री ने मौजूदा दौर के बॉक्स ऑफिस कल्चर पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, अब फिल्म की किस्मत केवल पहले शुक्रवार की कमाई से तय कर दी जाती है।
उन्होंने कहा, “वर्ड-ऑफ-माउथ वाली फिल्में अब कहां हैं? पहले समय दिया जाता था, अब तो पहले दिन के आंकड़े ही सब कुछ तय कर देते हैं।”

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