केरल के वित्त मंत्री K. N. Balagopal ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। यह बजट ऐसे समय आया है, जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार का यह छठा बजट पूरी तरह से जन-केंद्रित और कल्याणकारी नजर आया।बजट में समाज के हर वर्ग—खासतौर पर पेंशनभोगियों, महिलाओं, छात्रों, आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं और ग्रामीण श्रमिकों—को साधने की स्पष्ट कोशिश की गई है।
K. N. Balagopal का सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर बड़ा दांव
इस बजट की सबसे अहम और बड़ी घोषणा सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर की गई। वित्त मंत्री ने बताया कि पेंशनभोगियों के लिए 14,500 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है। K. N. Balagopal सरकार का कहना है कि यह राशि बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल देने में मदद करेगी।राज्य सरकार का दावा है कि कठिन आर्थिक हालात और केंद्र से मिलने वाले संसाधनों में कटौती के बावजूद पेंशन भुगतान को प्राथमिकता दी गई है।

आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राहत
ग्रासरूट स्तर पर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को राहत देते हुए सरकार ने
आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹1,000 प्रति माह की बढ़ोतरी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹1,000
आंगनवाड़ी सहायकों के मानदेय में ₹500 की वृद्धि
का ऐलान किया है।
सरकार का मानना है कि महामारी और आपदा के समय इन कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई है, इसलिए उनका आर्थिक सशक्तिकरण जरूरी है।






