Reliance Industries Limited का यू-टर्न, रूसी तेल से रिलायंस ने बनाई दूरी, सरकारी रिफाइनरियों ने उठाया डिस्काउंट का भारी फायदा

भारत की सबसे बड़ी निजी रिफाइनरी कंपनी Reliance Industries Limited (RIL) ने जनवरी महीने में रूस से कच्चे तेल की कोई खरीद नहीं की है। उद्योग सूत्रों और शिपिंग डेटा के अनुसार, महीने के पहले तीन हफ्तों में कंपनी का रूसी आयात पूरी तरह शून्य रहा। Reliance

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Monday, January 26, 2026

Reliance Industries Limited

भारत की सबसे बड़ी निजी रिफाइनरी कंपनी Reliance Industries Limited (RIL) ने जनवरी महीने में रूस से कच्चे तेल की कोई खरीद नहीं की है। उद्योग सूत्रों और शिपिंग डेटा के अनुसार, महीने के पहले तीन हफ्तों में कंपनी का रूसी आयात पूरी तरह शून्य रहा।

Reliance Industries Limited का  सरकारी कंपनियों ने बढ़ाया आयात

Reliance Industries Limited जहां निजी रिफाइनरियों ने सतर्क रुख अपनाया, वहीं सरकारी तेल कंपनियों ने रूस से कच्चे तेल की खरीद तेज कर दी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूसी तेल पर छूट बढ़कर करीब 7 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से सरकारी कंपनियों को बड़ा फायदा मिला।

IOC और BPCL की रिकॉर्ड खरीद

समुद्री खुफिया एजेंसी केपलर के आंकड़ों के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने जनवरी में औसतन 4.70 लाख बैरल प्रतिदिन रूसी कच्चा तेल खरीदा, जो अब तक का उसका उच्चतम स्तर है।
वहीं भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भी अपनी खरीद बढ़ाकर 1.64 लाख बैरल प्रतिदिन कर दी।
Reliance Industries Limited

निजी रिफाइनरियां बनी रहीं दूर

रिलायंस के अलावा एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (MRPL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने भी जनवरी में रूसी कच्चे तेल से दूरी बनाए रखी। माना जा रहा है कि वैश्विक प्रतिबंधों और भुगतान जोखिमों के चलते निजी कंपनियां फिलहाल सतर्क हैं।

नायरा एनर्जी की रूस पर निर्भरता कायम

रूस की सरकारी कंपनी रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी ने जनवरी में भी रूसी तेल का आयात जारी रखा। इस महीने नायरा ने करीब 4.69 लाख बैरल प्रतिदिन रूसी कच्चा तेल खरीदा, क्योंकि अन्य स्रोतों से आपूर्ति सीमित रही।

कुल आयात में दिखी हल्की गिरावट

जनवरी के पहले तीन हफ्तों में भारत का कुल रूसी कच्चा तेल आयात घटकर लगभग 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि दिसंबर में यह 12 लाख बैरल प्रतिदिन था। नवंबर में यह आंकड़ा 18 लाख बैरल प्रतिदिन के शिखर पर था।

यह भी पढ़े