गणतंत्र दिवस 2026: Shubhanshu Shukla को अशोक चक्र, पांच मुसलमान सहित 131 प्रतिष्ठित हस्तियां पद्म पुरस्कार से सम्मानित

गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर भारत सरकार द्वारा घोषित वीरता पुरस्कारों और पद्म सम्मानों ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं है। ज्ञान, विज्ञान, कला, साहित्य, लोकसंस्कृति और सामाजिक सेवा—हर क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों को समान आदर के

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UPDATED: Monday, January 26, 2026

Shubhanshu Shukla

गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर भारत सरकार द्वारा घोषित वीरता पुरस्कारों और पद्म सम्मानों ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं है। ज्ञान, विज्ञान, कला, साहित्य, लोकसंस्कृति और सामाजिक सेवा—हर क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों को समान आदर के साथ Shubhanshu Shukla को सम्मानित किया जाएगा । यह सूची भारत की साझा विरासत और भविष्य की दिशा—दोनों को मजबूती से सामने रखती है।

Shubhanshu Shukla को अंतरिक्ष से अशोक चक्र तक: एक ऐतिहासिक क्षण

इस वर्ष की सबसे उल्लेखनीय घोषणा ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla को अशोक चक्र देने की रही। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय के रूप में उन्होंने इतिहास रचा। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत साहस की मान्यता नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते अंतरिक्ष सामर्थ्य और रणनीतिक आत्मविश्वास का प्रतीक है।
Shubhanshu Shukla

अंतरिक्ष अब रणनीतिक शक्ति का क्षेत्र

आमतौर पर अशोक चक्र अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अद्वितीय साहस के लिए दिया जाता है। किसी अंतरिक्ष यात्री को यह सम्मान मिलना दर्शाता है कि भारत अब अंतरिक्ष को वैज्ञानिक उपलब्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक नेतृत्व के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देख रहा है।

शुभांशु शुक्ला की उपलब्धियां

जून 2025 में Axiom-4 मिशन के तहत शुभांशु शुक्ला ने 18 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर वैज्ञानिक प्रयोग किए। वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और आईएसएस तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में उनके पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। लखनऊ निवासी शुक्ला आज युवाओं के लिए साहस और अनुशासन की प्रेरणा बन चुके हैं।

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