सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर Odisha Government ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य में तंबाकू या निकोटीन युक्त सभी खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।इस प्रतिबंध के दायरे में गुटखा, पान मसाला, फ्लेवर्ड या सुगंधित चबाने वाले उत्पाद, चाहे वे पैकेट में हों या खुले रूप में, सभी शामिल हैं। इन्हें किसी भी नाम से बेचने पर रोक रहेगी।
Odisha Government ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप फैसला
Odisha Government ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 2016 के आदेश के अनुरूप लिया गया है, जिसमें राज्यों को तंबाकू और निकोटीन युक्त खाद्य पदार्थों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि पान मसाला, सुपारी, चूना और अन्य मसालों के साथ धुआं रहित तंबाकू का उपयोग बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है।

WHO और कैंसर एजेंसी की चेतावनी
अधिसूचना में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर का हवाला देते हुए कहा गया है कि चबाने वाले तंबाकू उत्पाद कैंसरकारक हैं और मुंह, गला, पेट, अग्न्याशय व गुर्दे के कैंसर से जुड़े हैं।ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के अनुसार, ओडिशा की 42% वयस्क आबादी धुआं रहित तंबाकू का सेवन करती है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है।
गुटखा बैन को चकमा देने पर लगेगी रोक
सरकार ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग पैकेट में तंबाकू और पान मसाला बेचकर गुटखा बैन को दरकिनार करने की प्रवृत्ति पर भी अब सख्ती से रोक लगेगी।अधिसूचना में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों पर प्रतिबंध का पूरी तरह पालन हो।






