मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भारत रत्न जननायक Karpuri Thakur की 102वीं जयंती को राज्यभर में भव्य तरीके से मनाने की योजना बनाई है। पार्टी इसे संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक संदेश के अवसर के रूप में देख रही है।
Karpuri Thakur के लिए सभी जिलों में होंगे आयोजन
Karpuri Thakur पार्टी ने तय किया है कि बिहार के हर जिले में जयंती समारोह आयोजित किए जाएंगे। सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को इन कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल रहने के निर्देश दिए गए हैं। पटना के कर्पूरी सभागार में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी तय मानी जा रही है।

ईबीसी वर्ग तक संदेश पहुंचाने की कोशिश
जेडीयू नेताओं का कहना है कि कर्पूरी जयंती के माध्यम से अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को एकजुट करने और जननायक के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बिहार की राजनीति में ईबीसी की आबादी करीब 36 प्रतिशत बताई जाती है, जिससे यह वर्ग राजनीतिक रूप से बेहद अहम बन जाता है।
एनडीए की जीत के बाद क्यों खास है यह जयंती
हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली जीत में ईबीसी वोट बैंक की भूमिका अहम मानी गई। जेडीयू का दावा है कि 2005 से नीतीश कुमार ने इस वर्ग को लगातार साथ जोड़े रखा है। पार्टी मानती है कि कर्पूरी ठाकुर की विरासत और नीतीश कुमार की नीतियां एक ही दिशा में जाती हैं।
नेताओं के बयान
जेडीयू के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ और प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि यह आयोजन किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता की विचारधारा को मजबूत करने का प्रयास है। पार्टी का दावा है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों का वास्तविक अनुकरण नीतीश कुमार ही कर रहे हैं।






