भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी लंबी दूरी की नौकायन यात्रा ‘लोकायन 26’ INS के लिए समुद्र में उतर चुका है। यह अभियान लगभग 10 महीने तक चलेगा, जिसमें जहाज करीब 22,000 समुद्री मील की दूरी तय करेगा।
INS से कोच्चि से दी गई हरी झंडी
दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने कोच्चि स्थित नौसैनिक अड्डे से पोत को औपचारिक रूप से रवाना किया।INS पारंपरिक विदाई समारोह में नौसेना बैंड की धुनों के बीच जहाज के पाल फहराए गए।
13 देशों के 18 बंदरगाहों का दौरा
नौसेना के अनुसार, इस तैनाती के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी 13 देशों के 18 प्रमुख बंदरगाहों पर पहुंचेगा। यह यात्रा भारत की समुद्री विरासत और वैश्विक समुद्री सहभागिता को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।

अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी
यात्रा के प्रमुख पड़ावों में फ्रांस का प्रसिद्ध समुद्री महोत्सव ‘एस्केल ए सेट’ शामिल है, जहां मार्च–अप्रैल 2026 में यह पोत यूरोप के नामी जहाजों के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
इसके अलावा, जुलाई 2026 में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत न्यूयॉर्क में होने वाली ‘इंटरनेशनल परेड ऑफ सेल्स (सेल 250)’ में भी आईएनएस सुदर्शिनी भाग लेगा।
समुद्रों के पार भारत का दूत
वाइस एडमिरल सक्सेना ने चालक दल से बातचीत में कहा कि यह पोत केवल एक प्रशिक्षण मंच नहीं, बल्कि दुनिया भर में भारत का ‘समुद्री राजदूत’ है, जो मित्रता, सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देगा।






