केंद्रीय बजट 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और 1 फरवरी को वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman संसद में बजट पेश करेंगी। बजट से पहले रियल एस्टेट सेक्टर सरकार से राहत और प्रोत्साहन की आस लगाए बैठा है, खासकर किफायती आवास को लेकर।
Nirmala Sitharaman ने कहा कंज्यूमर सेंटिमेंट बढ़ाने पर ज़ोर
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बजट में ऐसे कदम उठाए जाते हैं, जिससे आम लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़े, तो प्रॉपर्टी मार्केट को सीधा फायदा मिलेगा।Nirmala Sitharaman ने टैक्स में राहत और आसान लोन विकल्प मांग को गति दे सकते हैं।

होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाने की मांग
इंडस्ट्री की प्रमुख मांगों में होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाना शामिल है। इससे मिडिल क्लास और पहली बार घर खरीदने वालों को राहत मिलेगी। साथ ही, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज कम करने की भी मांग की जा रही है।
अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर उम्मीद
डेवलपर्स का मानना है कि अगर सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए फिर से टैक्स इंसेंटिव देती है, तो इस सेगमेंट में निवेश बढ़ेगा। इससे शहरों और छोटे कस्बों में किफायती घरों की सप्लाई बेहतर हो सकती है।
सेक्शन 80-IBA की वापसी पर ज़ोर
रियल एस्टेट सेक्टर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80-IBA को दोबारा लागू करने की मांग कर रहा है। इस प्रावधान के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर डेवलपर्स को 100 फीसदी टैक्स छूट मिलती थी, जो 2021 में समाप्त हो गई थी।
एक्सपर्ट्स की राय
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि अगर सरकार सीमित समय के लिए ही सही, लेकिन 80-IBA जैसे प्रावधानों को वापस लाती है, तो इससे डेवलपर्स का भरोसा बढ़ेगा और आम लोगों के लिए घर खरीदना आसान होगा।






