गांव के एक ही स्कूल से पढ़कर निकले 100 से ज्यादा चिकित्सक, Dr Shashi Ranjan चर्चा में बिहार का ‘डॉक्टरों का गांव’

बिहार की राजधानी पटना से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित अमहरा गांव सिर्फ एक भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज सेवा की एक मजबूत मिसाल है। यह गांव आज पूरे राज्य में “डॉक्टरों का गांव” बल्कि Dr Shashi Ranjan के नाम से जाना जाता है। Dr

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Sunday, January 18, 2026

Dr Shashi Ranjan

बिहार की राजधानी पटना से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित अमहरा गांव सिर्फ एक भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज सेवा की एक मजबूत मिसाल है। यह गांव आज पूरे राज्य में “डॉक्टरों का गांव” बल्कि Dr Shashi Ranjan के नाम से जाना जाता है।

Dr Shashi Ranjan से सौ अधिक डॉक्टरों का गांव

Dr Shashi Ranjan के अलावा अमहरा से अब तक 100 से ज्यादा चिकित्सक निकल चुके हैं, जो बिहार ही नहीं, बल्कि देश और विदेश में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यही वजह है कि इस छोटे से गांव की पहचान पूरे राज्य में खास बन चुकी है।
Dr Shashi Ranjan

पेशा नहीं, सेवा है डॉक्टर बनना

अमहरा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां डॉक्टर बनना सिर्फ करियर नहीं, बल्कि समाज सेवा की परंपरा है। गांव के युवाओं को बचपन से ही सेवा और जिम्मेदारी के संस्कार मिलते हैं, जो उन्हें चिकित्सा क्षेत्र की ओर प्रेरित करते हैं।

ENT क्षेत्र का बड़ा नाम

अमहरा से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले डॉ. शशि रंजन ईएनटी के क्षेत्र में देश के अग्रणी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। सीमित संसाधनों में पढ़ाई कर उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की और आज भी गांव से जुड़े रहकर स्वास्थ्य शिविर लगाते हैं।

डॉ. सत्यजीत: कम खर्च में इलाज की मिसाल

डॉ. सत्यजीत ने चिकित्सा को सेवा का माध्यम बनाया। गरीब और जरूरतमंद मरीजों का बिना फीस या बेहद कम खर्च में इलाज करना उनकी पहचान है। वे नियमित रूप से गांव आकर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाते हैं।

किताबों से मिली डॉक्टर बनने की प्रेरणा

डॉ. सत्यजीत बताते हैं कि डॉक्टर कुटनिश और द सिटाडेल जैसी किताबों ने उनके जीवन की दिशा बदली। आज वे गांव के छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

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