India-EU FTA और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर लेकर आ सकता है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि इस समझौते पर चल रही बातचीत के पूरा होने की घोषणा 27 जनवरी को की जा सकती है।
India-EU FTA कई प्रमुख सेक्टरों को मिलेगा सीधा फायदा
India-EU FTA निर्यातकों और उद्योग संगठनों के अनुसार, FTA से वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद, रत्न-आभूषण और चमड़ा उद्योग को सीधा लाभ होगा। यूरोपीय बाजार में इन क्षेत्रों के भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान और सस्ती हो जाएगी।

तीन साल में निर्यात दोगुना होने की संभावना
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि समझौता लागू होने के बाद EU में भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ चरणबद्ध तरीके से खत्म होंगे। इससे अगले तीन वर्षों में भारत का यूरोपीय संघ को निर्यात दोगुना हो सकता है और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
निर्यातकों को मिलेगा स्थिर व्यापार ढांचा
FTA से भारतीय कंपनियों को एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक व्यापार व्यवस्था मिलेगी। इससे वे यूरोपीय वैल्यू चेन का हिस्सा बन सकेंगी और लंबे समय की रणनीति के साथ निवेश बढ़ा पाएंगी।
एक ही बाजार पर निर्भरता होगी कम
अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन ए. साक्तिवेल के मुताबिक, यह समझौता भारत के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है। अमेरिका में ऊंचे टैरिफ के कारण बढ़ती लागत के बीच EU के साथ FTA से निर्यातकों को वैकल्पिक और मजबूत बाजार मिलेगा।
वस्त्र और परिधान उद्योग को सबसे ज्यादा राहत
फिलहाल यूरोपीय संघ में भारतीय वस्त्र और परिधान पर 12 से 16 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है। रेडीमेड गारमेंट्स पर औसतन 12 प्रतिशत ड्यूटी लागू है, जो सीमित रियायतों के बाद भी करीब 9.6 प्रतिशत रहती है। FTA के बाद शुल्क घटने से भारतीय कपड़ा उद्योग की प्रतिस्पर्धा काफी मजबूत होगी।






