शेयर बाजार में रौनक (NSE), सेंसेक्स 83,670 पर खुला; निफ्टी 42 अंक चढ़कर 25,708 पर

NSE में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच जल्द मुक्त व्यापार समझौता होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी में

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, January 16, 2026

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NSE में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच जल्द मुक्त व्यापार समझौता होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी में बढ़त

NSE में सुबह करीब 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 239 अंकों यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,622 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 अंक या 0.20 प्रतिशत चढ़कर 25,715 पर पहुंच गया।
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मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती

बाजार की व्यापक धारणा भी सकारात्मक रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.35 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.11 प्रतिशत ऊपर रहा। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सभी सेगमेंट में बनी हुई है।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस: आईटी सबसे आगे

सेक्टोरल मोर्चे पर आईटी इंडेक्स सबसे बड़ा गेनर रहा और इसमें करीब 1.96 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। रियल्टी सेक्टर भी 1.28 प्रतिशत चढ़ा। दूसरी ओर मीडिया, मेटल और फार्मा शेयरों में 0.3 से 0.5 प्रतिशत तक की हल्की गिरावट दर्ज की गई।

आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

आईटी सेक्टर में Infosys के बेहतर तिमाही नतीजों और सकारात्मक गाइडेंस के चलते शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। Wipro और Tech Mahindra भी करीब 3 प्रतिशत चढ़े।बैंकिंग और फाइनेंस शेयरों में IndusInd Bank और Shriram Finance में 2 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूती दिखी।

दबाव में ये शेयर

आज के कारोबार में Apollo Hospitals, Cipla और HDFC Life जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर पर दबाव बना रहा।

तिमाही नतीजों पर बाजार की नजर

आने वाले दिनों में तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। अच्छे नतीजों से चुनिंदा शेयरों में तेजी संभव है, हालांकि पूरे बाजार में बड़ी रैली की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।

एफआईआई की बिकवाली बनी चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार की छोटी रैलियों को सीमित कर सकती है। एफआईआई की बढ़ती शॉर्ट पोजिशन निकट भविष्य में सतर्कता का संकेत दे रही है।

निफ्टी के तकनीकी स्तर

तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500–25,550 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 25,800–25,900 का स्तर रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।

वैश्विक बाजारों से संकेत

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। चीन का शंघाई इंडेक्स मामूली गिरा, शेनझेन में हल्की बढ़त दिखी, जापान का निक्केई कमजोर रहा जबकि कोरिया का कोस्पी मजबूती के साथ बंद हुआ। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में आई तेजी से घरेलू बाजार को भी सहारा मिला।

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