Moxie Marlin Spike: Signal क्रिएटर बना रहे Confer AI, जहां एआई चैट्स भी होंगी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड

दुनिया के सबसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप Signal को बनाने वाले इंजीनियर Moxie Marlin Spike अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में भी यूज़र प्राइवेसी को केंद्र में रखने की तैयारी कर रहे हैं।उनका नया प्रोजेक्ट Confer एक ओपन-सोर्स AI असिस्टेंट है, जिसे खास तौर पर इस तरह डिजाइन

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Thursday, January 15, 2026

Moxie Marlin Spike

दुनिया के सबसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप Signal को बनाने वाले इंजीनियर Moxie Marlin Spike अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में भी यूज़र प्राइवेसी को केंद्र में रखने की तैयारी कर रहे हैं।उनका नया प्रोजेक्ट Confer एक ओपन-सोर्स AI असिस्टेंट है, जिसे खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि यूज़र की निजी बातचीत पूरी तरह सुरक्षित रहे।

Moxie Marlin Spike का विज़न: प्राइवेट AI असिस्टेंट क्यों जरूरी

Signal के को-फाउंडर Moxie Marlin Spike के मुताबिक, आज ChatGPT और Gemini जैसे AI टूल्स रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लोग इनसे न सिर्फ सवाल पूछते हैं, बल्कि अपनी निजी सोच, डर, मानसिक परेशानियां और बिजनेस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी साझा करते हैं। समस्या यह है कि ज्यादातर AI प्लेटफॉर्म्स इन बातचीतों को स्टोर करते हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें कानूनी एजेंसियों या अदालतों के सामने पेश किया जा सकता है।
Moxie Marlin Spike

 AI से बातचीत, सर्च नहीं बल्कि डायरी जैसी

मोक्सी मार्लिनस्पाइक का मानना है कि AI से बातचीत किसी सर्च इंजन की तरह नहीं होती, बल्कि यह किसी भरोसेमंद दोस्त या निजी डायरी जैसा अनुभव देती है।अगर ऐसा डेटा किसी लीक या सर्वर एक्सेस में चला जाए, तो यह यूज़र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसी सोच से Confer को बनाया गया है।

Confer की सबसे बड़ी खासियत: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन

Confer में यूज़र और AI के बीच होने वाली हर बातचीत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है।
इसका मतलब:

  • कंपनी खुद चैट नहीं पढ़ सकती
  • हैकर्स को एक्सेस नहीं
  • सरकार या कानून एजेंसियों को भी नहीं
  • यहां तक कि सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर भी नहीं

बिना ईमेल, फोन या IP—पूरी तरह गुमनाम सिस्टम

Confer में यूज़र की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
यहां:

  • न ईमेल चाहिए
  • न फोन नंबर
  • न IP एड्रेस
  • यूज़र को किसी भी तरह उसकी असली पहचान से जोड़ा नहीं जा सकता, ठीक उसी तरह जैसे Signal मैसेंजर में होता है।

Passkeys और Forward Secrecy की सुरक्षा

Confer में Passkeys टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। हर यूज़र के लिए एक यूनिक क्रिप्टोग्राफिक की बनती है, जिसका प्राइवेट हिस्सा सिर्फ यूज़र के डिवाइस में रहता है।इससे:

  • लॉगिन ज्यादा सुरक्षित होता है
  • पुरानी और भविष्य की चैट्स सुरक्षित रहती हैं
  • अगर कभी एक की लीक हो भी जाए, तो बाकी डेटा सुरक्षित रहता है

Trusted Execution Environment (TEE) क्या है

Confer का दूसरा मजबूत आधार है Trusted Execution Environment (TEE)
यह सर्वर पर एक ऐसा सुरक्षित माहौल बनाता है, जहां:

  • कोड या डेटा को बाहर से देखा या बदला नहीं जा सकता
  • यह साबित किया जा सकता है कि वही ओपन-सोर्स कोड चल रहा है जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है
  • इसे Remote Attestation कहा जाता है।

मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा कितना सुरक्षित?

ज्यादातर बड़े AI प्लेटफॉर्म्स यूज़र को ऑप्शन देते हैं कि उनकी चैट्स ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल न हों, लेकिन कानूनी नोटिस या इंटरनल जांच के नाम पर डेटा फिर भी एक्सेस किया जा सकता है| खुद OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन मान चुके हैं कि कोर्ट के आदेश पर निजी चैट्स भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहतीं।

Confer अकेला नहीं, लेकिन सबसे सख्त

Confer के अलावा कुछ और प्राइवेट AI टूल्स भी मौजूद हैं:

  • Proton का Lumo – जहां चैट की चाबियां यूज़र के पास रहती हैं
  • Venice AI – जहां डेटा पूरी तरह लोकल डिवाइस पर रहता है
  • हालांकि, बड़े AI प्लेटफॉर्म्स अब तक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नहीं दे पा रहे हैं।

प्राइवेसी के साथ AI की उम्मीद

Confer जैसे प्रोजेक्ट्स उन यूज़र्स के लिए उम्मीद की किरण हैं, जो बिना अपनी निजता खोए AI का फायदा उठाना चाहते हैं। आने वाले समय में यह तय करेगा कि AI कितना भरोसेमंद बन पाता है।

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