Nirmala Sitharaman: बजट 2026 की तैयारी में जुटा केंद्र, प्री-बजट बैठक में राज्यों ने रखीं अपनी मांगें

केंद्रीय बजट से पहले आयोजित प्री-बजट परामर्श बैठक को लेकर कई राज्यों ने इसे सार्थक और सकारात्मक करार दिया है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने की, जिसमें मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य राज्यों की जरूरतों और

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Sunday, January 11, 2026

Nirmala Sitharaman

केंद्रीय बजट से पहले आयोजित प्री-बजट परामर्श बैठक को लेकर कई राज्यों ने इसे सार्थक और सकारात्मक करार दिया है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने की, जिसमें मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य राज्यों की जरूरतों और सुझावों को बजट प्रक्रिया में शामिल करना रहा।

Nirmala Sitharaman से मिले गोवा और यूपी, विकास से जुड़े सुझाव रखे

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि राज्य सरकार ने बैठक में अपने प्रमुख मुद्दों को रखा। उन्होंने कहा Nirmala Sitharaman जी से कि पिछले पांच वर्षों से चल रही केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं गोवा के विकास के लिए बेहद अहम हैं और इन्हें आगे भी जारी रखा जाना चाहिए।उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि बैठक में सभी राज्यों से खुले तौर पर सुझाव लिए गए। यूपी ने अपने प्रस्ताव इस लक्ष्य के साथ रखे कि राज्य को किस तरह ‘उत्तम प्रदेश’ बनाया जा सकता है और आर्थिक प्रगति को नई गति दी जा सके।
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तेलंगाना ने शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अधिक फंड मांगा

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि राज्यों को मौजूदा समय में गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसे जरूरी क्षेत्रों में अतिरिक्त बजटीय सहायता की जरूरत पर जोर दिया। पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने केंद्र के समक्ष राज्य के लंबित बकाये का मुद्दा रखा। उन्होंने बताया कि लगभग 1.97 लाख करोड़ रुपये अब भी लंबित हैं और इन्हें जल्द जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार की भी मांग की।

झारखंड और पंजाब की वित्तीय चुनौतियां

झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य को सीमित संसाधनों के बावजूद कई केंद्रीय योजनाओं में अधिक खर्च करना पड़ता है। साथ ही फंड मिलने में देरी की समस्या भी सामने रखी गई।वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सीमा पर तनाव और हाल की बाढ़ से हुए नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले घोषित राहत पैकेज अब तक नहीं मिला है, जिसे लेकर दोबारा मांग की गई।बैठक के बाद राज्यों के प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र के साथ संवाद सकारात्मक और खुला रहा। उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों और सुझावों को आगामी केंद्रीय बजट में प्राथमिकता मिलेगी।

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