Ankita Bhandari हत्याकांड से जुड़े कथित दुष्प्रचार पर दुष्यंत गौतम की दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका, 11 लोग बनाए गए प्रतिवादी

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने Ankita Bhandari हत्याकांड से जुड़े कथित दुष्प्रचार के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में कुल 11 लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है। Ankita Bhandari केस में 11 प्रतिवादियों

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Tuesday, January 6, 2026

Ankita Bhandari

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने Ankita Bhandari हत्याकांड से जुड़े कथित दुष्प्रचार के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में कुल 11 लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है।

Ankita Bhandari केस  में 11 प्रतिवादियों का राजनीतिक और गैर-राजनीतिक में  नाम शामिल

Ankita Bhandari केस की याचिका में जिन लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है, उनमें अभिनेत्री उर्मिला सनावर, बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, कांग्रेस पार्टी, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी, PCC अध्यक्ष गणेश गोदियाल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा और मोहित चौहान जैसे नाम शामिल हैं।
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250 पेज की याचिका, यात्रा विवरण भी दर्ज

करीब 250 पन्नों की इस याचिका में दुष्यंत गौतम की सितंबर 2022 की यात्रा से जुड़े विस्तृत विवरण भी शामिल किए गए हैं। दस्तावेज़ों के अनुसार, वे 10 से 15 सितंबर 2022 तक नई दिल्ली में थे, इसके बाद 19 सितंबर को ओडिशा गए और 20 सितंबर को वापस दिल्ली लौटे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक आपराधिक साजिश के तहत सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक ऑडियो-वीडियो क्लिप्स तैयार कर वायरल की गईं। दावा किया गया है कि इन क्लिप्स के ज़रिये दुष्यंत गौतम और बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
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राजनीतिक दलों पर साजिश का आरोप

बीजेपी की ओर से कहा गया है कि यह कथित दुष्प्रचार कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल और कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर किया गया। पार्टी का दावा है कि इसका मकसद उत्तराखंड और अन्य राज्यों में विरोध को भड़काना और बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाना था। याचिका में उत्तराखंड पुलिस की जांच का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अंकिता भंडारी मामले में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं। गौतम ने कोर्ट से इस मामले में स्पष्टता और कथित दुष्प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है।

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