भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग (Auto Sector )ने सितंबर 2025 में एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। महामारी और आर्थिक सुस्ती के दौर के बाद अब इस सेक्टर में मांग और उत्पादन दोनों में तेजी देखने को मिल रही है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) की बिक्री में 11.9% की वृद्धि दर्ज की गई है जबकि यात्री वाहनों और दोपहिया सेगमेंट में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़ोतरी देखी गई है।
Auto Sector में अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत
Auto Sector में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बढ़ती गतिविधियों का नतीजा है। ट्रक और बसों की बिक्री में आई तेजी यह दर्शाती है कि माल परिवहन और निर्माण कार्यों में सुचारू गति लौट रही है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि औद्योगिक उत्पादन और खपत दोनों में सुधार हो रहा है।

कंपनियों के लिए उत्साहजनक संकेत
टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड, महिंद्रा एंड महिंद्रा और आयशर मोटर्स जैसी कंपनियों ने सितंबर में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। टाटा मोटर्स की वाणिज्यिक वाहन बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है जबकि महिंद्रा ने अपने नए मॉडल लॉन्च और ग्रामीण बाजारों में बढ़ती मांग के दम पर बिक्री में सुधार किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आगामी त्योहारी सीजन इस सेक्टर को और मजबूती देगा।

आने वाले महीनों में और तेजी की उम्मीद
ऑटो इंडस्ट्री के विश्लेषकों का कहना है कि यदि ब्याज दरें स्थिर रहती हैं और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होती, तो आने वाले महीनों में बिक्री में और उछाल देखने को मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता भी उद्योग को नई दिशा दे रही है।






