3 दिन बैंकों पर लटके रहे ताले, 3 हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित, ATM भी खाली

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मंगलवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों की लगभग सभी शाखाओं में ताले लटके रहे। ATM इससे नकद निकासी, लोन भुगतान और रोजमर्रा के बैंकिंग कार्य पूरी तरह

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Wednesday, January 28, 2026

ATM

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मंगलवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों की लगभग सभी शाखाओं में ताले लटके रहे। ATM इससे नकद निकासी, लोन भुगतान और रोजमर्रा के बैंकिंग कार्य पूरी तरह बाधित रहे।

ATM हुए खाली, तीन दिनों से बंद बैंक

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर हुई इस हड़ताल के कारण जिले में करीब 3 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा। ATM में लगातार तीन दिनों से बैंक अवकाश रहने के कारण एटीएम से ज्यादा नकदी निकासी हुई, जिससे अधिकांश एटीएम खाली हो गए। ग्राहक मजबूरी में निजी बैंकों के एटीएम का सहारा लेते दिखे।
ATM ATM

मोतिहारी में बैंक कर्मियों की रैली

मोतिहारी शहर में हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने स्टेट बैंक की बाजार शाखा से रैली निकाली। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ग्रामीण बैंक की ज्ञानबाबू चौक शाखा तक पहुंची, जहां जोरदार प्रदर्शन हुआ। रैली में महिला कर्मचारियों की भागीदारी खास तौर पर नजर आई।

पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग

यूनियन नेताओं ने कहा कि रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एलआईसी, जीआईसी और वित्त मंत्रालय में हर शनिवार अवकाश रहता है, जबकि बैंकों में ऐसा नहीं है। इसी असमानता के विरोध में कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। मांग है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किया जाए।

किसान और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित

पूर्वी चंपारण एक कृषि प्रधान जिला है, जहां बैंकिंग गतिविधियां फसल खरीद-बिक्री, किसान क्रेडिट कार्ड और सरकारी योजनाओं से जुड़ी हैं। हड़ताल के कारण किसानों के भुगतान रुके रहे और छोटे व्यापारियों की लेन-देन प्रभावित हुई। जिले की 200 से अधिक बैंक शाखाओं में से करीब 80 प्रतिशत सरकारी बैंक हैं, जो पूरी तरह बंद रहे।

बाजारों में दिखा हड़ताल का असर

मोतिहारी, ढाका, चकिया और सीवान रोड जैसे प्रमुख बाजारों में व्यापार सुस्त रहा। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, छोटे उद्यमियों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। नकदी संकट के चलते आम लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भटकते नजर आए।

यूनियन की चेतावनी, सरकार से बातचीत की मांग

यूनियन नेताओं ने साफ कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। सरकार से बातचीत की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग अपनाने की सलाह दी है, हालांकि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है।

यह भी पढ़े