मनी लॉन्ड्रिंग केस में Anil Ambani को तगड़ा झटका, ₹1,885 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति Anil Ambani के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1,885 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कदम विभिन्न बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के तहत

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Thursday, January 29, 2026

Anil Ambani

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति Anil Ambani के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1,885 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कदम विभिन्न बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के तहत उठाया गया है।
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL), यस बैंक से जुड़े कथित घोटालों और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से संबंधित मामलों से जुड़ी हुई है।

Anil Ambani की किन कंपनियों के खिलाफ हुई कार्रवाई

ईडी की जांच का दायरा रिलायंस समूह की कई प्रमुख वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों तक फैला हुआ है।Anil Ambani ने  एजेंसी का आरोप है कि इन कंपनियों के जरिए कर्ज की राशि का दुरुपयोग किया गया और बैंकिंग सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया गया।जांच के दौरान सामने आया कि बैंकों से लिए गए ऋण को व्यावसायिक उद्देश्यों की बजाय अन्य जगहों पर इस्तेमाल किया गया, जिससे सार्वजनिक धन जोखिम में पड़ गया।
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कुर्क की गई प्रमुख संपत्तियां

ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी कई अहम हिस्सेदारियां शामिल हैं। इनमें:

  • बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड

  • बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड

  • मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड

जैसी प्रमुख कंपनियों में शेयर होल्डिंग्स शामिल हैं। इन संपत्तियों को वित्तीय लेनदेन से जुड़ा बताते हुए एजेंसी ने अस्थायी रूप से अटैच किया है।

बैंक बैलेंस और रिसीवेबल्स भी अटैच

इसके अलावा, ईडी ने वैल्यू कॉर्प फाइनेंस एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड के नाम पर मौजूद:

  • लगभग 148 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि

  • करीब 143 करोड़ रुपये की देनदारियां (Receivables)

को भी कुर्क किया है। एजेंसी का कहना है कि इन पैसों का सीधा संबंध संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से है।

वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्तियां भी जांच के दायरे में

ईडी की कार्रवाई केवल कंपनियों तक सीमित नहीं रही। जांच के दौरान रिलायंस समूह के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़ी निजी संपत्तियों को भी अटैच किया गया है।
इनमें शामिल हैं:

  • अंगराई सेतुरामन के नाम पर एक आवासीय मकान

  • पुनीत गर्ग के नाम पर मौजूद शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश

ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों की खरीद में कथित तौर पर अवैध धन का इस्तेमाल हुआ।

अब तक 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कुर्की

प्रवर्तन निदेशालय ने जानकारी दी है कि यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी:

  • RCom

  • RCFL

  • RHFL

से जुड़े मामलों में 10,117 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कुल कुर्क संपत्तियों का आंकड़ा लगभग 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

यस बैंक निवेश और एनपीए का मामला

जांच में यह भी सामने आया है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने:

  • RHFL में 2,965 करोड़ रुपये

  • RCFL में 2,045 करोड़ रुपये

का निवेश किया था।
दिसंबर 2019 तक ये दोनों निवेश एनपीए (Non-Performing Asset) में बदल गए। उस समय:

  • RHFL पर 1,353.50 करोड़ रुपये

  • RCFL पर 1,984 करोड़ रुपये

का बकाया था।

सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि RHFL और RCFL को 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का सार्वजनिक धन मिला।
सेबी नियमों के कारण रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड सीधे इन कंपनियों में निवेश नहीं कर सकता था, इसलिए कथित तौर पर यह धन यस बैंक के जरिए घुमाकर इन कंपनियों तक पहुंचाया गया।

कर्ज राशि के गलत इस्तेमाल के आरोप

ईडी का आरोप है कि कर्ज की रकम का इस्तेमाल:

  • पुराने कर्ज चुकाने

  • संबंधित पक्षों को भुगतान

  • म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश

  • और कुछ मामलों में विदेशों में फंड ट्रांसफर

के लिए किया गया।
मामले में सीबीआई की एफआईआर के आधार पर जांच जारी है और एजेंसी ने आगे और बड़े खुलासों के संकेत दिए हैं।

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