पटना/दरभंगा: बिहार की राजनीति इस समय Vote Adhikar Yatra को लेकर गर्म है। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इसी के विरोध में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिहार से यात्रा निकाल रहे हैं।
दरभंगा से निकली Vote Adhikar Yatra का 11वां दिन
यात्रा के 11वें दिन की शुरुआत दरभंगा जिले के जीवछघाट से हुई। इसमें कांग्रेस की प्रियंका गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य बड़े नेता शामिल हुए। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी मुजफ्फरपुर के एनएच-57 पर यात्रा से जुड़ने वाले हैं।
दिल्ली रवाना हुए नीतीश कुमार
इसी दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली रवाना हो गए। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वे भाजपा नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं और आगामी लोकसभा चुनाव 2025 के लिए सीट बंटवारे पर बात हो सकती है। दिल्ली जाने से पहले उन्होंने पटना में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी, जिसमें जेडीयू नेता संजय झा और सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।

कांग्रेस का दावा – यात्रा ने सरकार को झकझोरा
कांग्रेस किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश प्रसाद का कहना है कि Vote Adhikar Yatra ने बिहार और केंद्र, दोनों सरकारों को असहज कर दिया है। उनका कहना है कि यह यात्रा साफ संदेश दे रही है कि अब मताधिकार से समझौता नहीं होगा।
भाजपा का पलटवार – राहुल गांधी की यात्रा नाकाम
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने Vote Adhikar Yatra को पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में आम जनता की भागीदारी नहीं दिख रही, बल्कि सिर्फ टिकट की उम्मीद रखने वाले नेता और उनके समर्थक ही नजर आ रहे हैं।