बारामती प्लेन क्रैश: सिर्फ अजित पवार ही नहीं, इस सुपरस्टार के लिए भी पायलट Shambhavi Pathak ने उड़ाया था प्राइवेट जेट, देखें फोटो

महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस भीषण दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में जिन नामों ने सबसे ज्यादा भावुक कर दिया, उनमें

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, January 30, 2026

Shambhavi Pathak

महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस भीषण दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में जिन नामों ने सबसे ज्यादा भावुक कर दिया, उनमें से एक थीं लीयरजेट 45 की को-पायलट कैप्टन Shambhavi Pathak। एक प्रतिभाशाली पायलट, जिसने कम उम्र में आसमान को अपना घर बनाया, उसकी उड़ान इस हादसे में हमेशा के लिए थम गई।

Shambhavi Pathak की सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं शांभवी की तस्वीरें

दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर कैप्टन Shambhavi Pathak की कई पुरानी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों में वह अपने प्रोफेशनल जीवन के अलग-अलग पड़ावों में नजर आती हैं।
एक तस्वीर ने विशेष ध्यान खींचा, जिसमें शांभवी एक प्राइवेट जेट के पास बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं। इस तस्वीर के सामने आते ही लोग उनके करियर और उपलब्धियों के बारे में जानने को उत्सुक हो गए।
Shambhavi Pathak

इन मशहूर हस्तियों के लिए उड़ा चुकी थीं विमान

वायरल पोस्ट्स में दावा किया गया कि शांभवी पाठक ने बिजनेस एविएशन के तहत कई जानी-मानी हस्तियों के लिए विमान उड़ाए थे।
बताया जा रहा है कि वह न सिर्फ आमिर खान के लिए प्राइवेट जेट उड़ा चुकी थीं, बल्कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए भी उन्होंने उड़ान भरी थी।इन दावों ने यह साफ कर दिया कि शांभवी अपने पेशे में कितनी भरोसेमंद और अनुभवी थीं, और उन्हें देश की जानी-मानी शख्सियतों के साथ काम करने का अवसर मिला था।

नई दिल्ली में हुआ अंतिम संस्कार

गुरुवार, 29 जनवरी 2026, को नई दिल्ली में कैप्टन शांभवी पाठक का अंतिम संस्कार किया गया। उनका पार्थिव शरीर लोधी श्मशान घाट लाया गया, जहां परिवार, रिश्तेदार और करीबी लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
इस दौरान हर चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा था। एक होनहार पायलट, बेटी और बहन को खोने का दर्द परिवार के लिए असहनीय था।

परिवार की आंखों में आंसू, दिल में यादें

अंतिम संस्कार के दौरान शांभवी के परिवार के सदस्य खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन था।
परिवार के लोगों ने बताया कि शांभवी बचपन से ही बेहद अनुशासित, मेहनती और सपने देखने वाली बच्ची थीं। उनका सपना था आसमान में उड़ना, जिसे उन्होंने पूरे समर्पण के साथ साकार किया।

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