Khelo India में आज 1 फरवरी 2026 को जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट पेश किया, तो देशभर के खिलाड़ियों, कोचों और खेल संगठनों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि खेल क्षेत्र को लेकर सरकार क्या बड़े ऐलान करती है। इसकी वजह भी खास है, क्योंकि भारत न केवल 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी में है, बल्कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए बोली लगाने की इच्छा भी जता चुका है।
Khelo India में खेल क्षेत्र को मिला बजट में खास महत्व
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने साफ किया कि खेल अब केवल मनोरंजन या प्रतिस्पर्धा का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक अवसरों का भी बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। इसी सोच के तहत सरकार ने Khelo India प्रोग्राम को और विस्तार देते हुए इसे ‘खेलो इंडिया मिशन’ के रूप में आगे बढ़ाने की घोषणा की।
खेलो इंडिया प्रोग्राम अब मिशन मोड में
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि मौजूदा खेलो इंडिया प्रोग्राम ने जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे मिशन मोड में ले जाया जाए। खेलो इंडिया मिशन के तहत केवल प्रतिभा खोज तक सीमित न रहकर, कोचिंग, प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पुरानी कमियों को भी दूर किया जाएगा।

अगले दशक में बदलेगा खेल इकोसिस्टम
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दस वर्षों में भारत का खेल इकोसिस्टम पूरी तरह से मजबूत और आत्मनिर्भर बने। खेलो इंडिया मिशन के जरिए देशभर में एकीकृत प्रतिभा विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक तैयार किया जाएगा।






