‘घूसखोर पंडत’ टाइटल विवाद पर Neeraj Pandey ने तोड़ी चुप्पी, डायरेक्टर ने कहा- ये तो बोलचाल में बहुत आम है

मशहूर अभिनेता मनोज वाजपेयी की हाल ही में घोषित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने नाम को लेकर विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल पर Neeraj Pandey ने आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसका तीखा विरोध देखने को मिल रहा है। मामला इतना

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Friday, February 6, 2026

Neeraj Pandey

मशहूर अभिनेता मनोज वाजपेयी की हाल ही में घोषित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने नाम को लेकर विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल पर Neeraj Pandey ने आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसका तीखा विरोध देखने को मिल रहा है। मामला इतना बढ़ गया कि फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत तक दर्ज करा दी गई।

फिल्म का ऐलान होते ही सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई, जहां कुछ वर्गों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला करार दिया।

Neeraj Pandey के ख़िलाफ़ लखनऊ में दर्ज हुई FIR

इस विवाद के बीच लखनऊ के हजरतगंज थाना में फिल्म मेकर्स के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का टाइटल समाज के एक विशेष वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और इससे सामाजिक शांति भंग होने की आशंका है।

Neeraj Pandey पर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी भी तरह की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
Neeraj Pandey

फिल्म मेकर्स कंबाइन ने भी जारी किया नोटिस

विवाद सिर्फ पुलिस तक सीमित नहीं रहा। फिल्म मेकर्स कंबाइन (FMC) नामक संगठन ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। FMC ने फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और इसके निर्देशक नीरज पांडे को नोटिस भेजते हुए जवाब मांगा है।

नोटिस में फिल्म के टाइटल और संभावित कंटेंट को लेकर आपत्ति जताई गई है और इसे इंडस्ट्री के लिए संवेदनशील मामला बताया गया है।

डायरेक्टर नीरज पांडे ने तोड़ी चुप्पी

लगातार बढ़ते विवाद के बाद अब फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 6 फरवरी की सुबह अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट साझा कर अपनी बात रखी।

नीरज पांडे का कहना है कि फिल्म को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यहीन हैं और गलतफहमी पर आधारित हैं।

‘यह एक काल्पनिक कॉप ड्रामा है’

अपने पोस्ट में नीरज पांडे ने साफ किया कि ‘घूसखोर पंडत’ एक पूरी तरह काल्पनिक कॉप ड्रामा फिल्म है। उन्होंने लिखा कि फिल्म में इस्तेमाल किए गए सभी नाम और किरदार काल्पनिक हैं और उनका किसी वास्तविक व्यक्ति या समुदाय से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि ‘पंडत’ शब्द आम बोलचाल की भाषा में प्रचलित है और इसका उपयोग किसी जाति, धर्म या समुदाय को दर्शाने के लिए नहीं किया गया है।

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