गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह केवल सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन नहीं होता, बल्कि यह उन लोगों को भी सम्मानित करता है जिन्होंने जमीनी स्तर पर बदलाव की मिसाल पेश की है। वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया Tania Parveen को राष्ट्रपति के विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
Tania Parveen का इंजीनियर से मुखिया तक का सफर
Tania Parveen ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी का विकल्प चुना था, लेकिन अपने गांव की बदहाल स्थिति ने उन्हें भीतर से झकझोर दिया। उन्होंने नौकरी छोड़कर पंचायत चुनाव लड़ने का फैसला किया और बहुत कम उम्र में मुखिया बनकर गांव की तस्वीर बदलने की ठान ली।सिसवा पूर्वी पंचायत में अल्पसंख्यक आबादी लगभग 48 प्रतिशत है। पहले यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद कमजोर थी। लड़कियों की पढ़ाई, बाल मजदूरी और कम उम्र में शादी जैसी समस्याएं आम थीं। तानिया ने इन मुद्दों को प्राथमिकता पर लिया और पंचायत को एक मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया।

कोविड काल में मजबूत नेतृत्व
कोविड-19 महामारी के दौरान पंचायत में डर और अफवाहों का माहौल था। लोग वैक्सीन लेने से कतराते थे और नियमों का पालन नहीं करते थे। तानिया परवीन ने स्वयं आगे आकर लोगों को जागरूक किया, घर-घर संवाद किया और टीकाकरण व स्वास्थ्य नियमों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पंचायत सशक्तिकरण योजना से राष्ट्रीय पहचान
केंद्र सरकार की पंचायत सशक्तिकरण योजना के तहत देशभर की चुनिंदा पंचायतों के प्रतिनिधियों का चयन किया गया, जिसमें सिसवा पूर्वी पंचायत भी शामिल रही। इसी योगदान के चलते तानिया परवीन को गणतंत्र दिवस के केंद्रीय समारोह में विशेष आमंत्रण मिला।






