(IRGC)ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा तेज, रिवोल्यूशनरी गार्ड के 8 जवान मारे गए

(IRGC) ईरान में जारी व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हिंसा और बढ़ गई है। पूर्वी ईरान के करमानशाह शहर में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के आठ सदस्य मारे गए हैं। यह घटनाएं गुरुवार, 8 जनवरी की रात को हुए

EDITED BY: thevocalbharat.com

UPDATED: Sunday, January 11, 2026

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(IRGC) ईरान में जारी व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हिंसा और बढ़ गई है। पूर्वी ईरान के करमानशाह शहर में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के आठ सदस्य मारे गए हैं। यह घटनाएं गुरुवार, 8 जनवरी की रात को हुए उग्र प्रदर्शनों के दौरान सामने आईं। ईरानी मीडिया के हवाले से यह जानकारी शुक्रवार को अल जज़ीरा ने दी।

करमानशाह में हिंसक झड़प,(IRGC) को बड़ा नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार, करमानशाह में हालात उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं। इन झड़पों के दौरान हुए हमलों में (IRGC) के आठ जवान मारे गए, जिन्हें ईरानी मीडिया ने “शहीद” बताया है। हालांकि, इन घटनाओं में कितने प्रदर्शनकारी मारे गए या घायल हुए, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। ईरान में यह आंदोलन 28 दिसंबर को शुरू हुआ था, जब राजधानी तेहरान के ग्रैंड बाज़ार के व्यापारियों ने ईरानी रियाल के तेज़ अवमूल्यन, बढ़ती महंगाई और खराब आर्थिक स्थिति के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। शुरुआत में यह आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन देखते ही देखते यह राजधानी से बाहर निकलकर देश के कई अन्य शहरों में फैल गया और धीरे-धीरे हिंसक रूप लेता चला गया।
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प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव

पिछले 13 दिनों से लगातार जारी इन प्रदर्शनों के दौरान हालात कई बार बेहद गंभीर हो चुके हैं। गुरुवार की रात को हुए प्रदर्शन अब तक के सबसे उग्र माने जा रहे हैं। उस रात कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हुआ, जिसमें जानमाल के भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। करमानशाह की घटना भी उसी हिंसक रात का हिस्सा बताई जा रही है।

मृतकों के आंकड़ों पर विरोधाभास

अल जज़ीरा के अनुसार, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब तक 13 दिनों के प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 62 तक पहुंच गई है। हालांकि, एक मानवाधिकार संगठन ने इससे कम, यानी 52 मौतों की पुष्टि होने का दावा किया है। मरने वालों में प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बलों के सदस्य दोनों शामिल बताए जा रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र रूप से इन आंकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

ईरान में बिगड़ते हालात ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भी खींचा है। लगातार बढ़ती हिंसा, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। वहीं, ईरानी सरकार का कहना है कि देश की स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है। विश्लेषकों का मानना है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड के जवानों की मौत से हालात और संवेदनशील हो सकते हैं। इससे सरकार का रुख और कठोर होने की आशंका है, जबकि प्रदर्शनकारी भी पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ईरान में तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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